रमजान महीने में दिन व रात अल्लाह की रहमत बरसती है, शब्बीर अहमद

रमजान महीने में दिन व रात अल्लाह की रहमत बरसती है, शब्बीर अहमद

फलका रमजानुल मुबारक का तीसरा जुमा रोजेदारों ने अकीदत के साथ नमाज अदा की. तीसरे जुमा में प्रखंड के सभी मस्जिद नमाजियों से खचाखच भरा था. नमाज के बाद रोजेदारों ने दुनिया मे अमन व शांति के लिए दुआ मांगी. नमाज के पूर्व सालेहपुर नहरी मस्जिद के इमाम मौलाना शब्बीर अहमद कासमी ने अपने बयान में कहा की रोजा मुसलमान पुरुष व महिला पर रखना फर्ज है. जिस तरीके से नमाज फर्ज है ठीक उसी तरीके से रोजा रखना भी फर्ज है. यदि अगर कोई जानबूझकर एक रोजे को भी छोड़ देता है तो उन्होंने बहुत बड़ा पाप किया है. रोजे की बहुत बड़ी फजीलत हदीसे पाक में आई है. हजरत अबू हरेरा रजि अल्लाह ताला से रिवायत है कि नबी करीम ने इरशाद फरमाया रमजान की पहली तारीख को शैतान जकड़ दिए जाते हैं और जहन्नम के दरवाजे बंद कर दिया जाते हैं. जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं रमजान की फजीलत को जिसमें हमारे और आपके नबी जनाबे मोहम्मद साहब ने अपने हदीस में कहा है कि आग लकड़ी को जलाकर राख कर देती है. ठीक उसी तरीके से रमजान के महीने में इंसान के गुनाह को अल्लाह तबारक व ताला जलाकर कर राख कर देते हैं. अगर कोई शख्स बिना कारण छोड़ दे तो वह शख्स गुनहगार होगा. एक मर्तबा पूरे कुरान शरीफ का सुनना और सुनाना भी सुन्नते मुअक्की दा है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajkishor k

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >