कटिहार जिले के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में अब छात्र-छात्राओं को किशोरावस्था से जुड़े शारीरिक, मानसिक और सामाजिक बदलावों के प्रति जागरूक किया जाएगा. इसके लिए जिले को किशोरवय शिक्षा कार्यक्रम के पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित किया गया है. कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) रवि रंजन ने इस संबंध में सभी माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी किया है. यह प्रशिक्षण सिविल सर्जन के दिशा-निर्देश के अनुसार आयोजित किया जाएगा.
दो दिन चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
प्रशिक्षण 16 और 17 जुलाई को सिविल सर्जन सभागार (सदर अस्पताल), कटिहार में आयोजित होगा. प्रतिदिन दो सत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा. पहला सत्र पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा दूसरा सत्र अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा.
प्रशिक्षण में किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक एवं मानसिक बदलाव, जीवन कौशल, प्रजनन एवं यौन स्वास्थ्य, मादक द्रव्य व्यसन से बचाव तथा एचआईवी-एड्स से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी.
प्रखंडवार तय किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम
16 जुलाई के पहले सत्र में अमदाबाद, आजमनगर, बलरामपुर और समेली प्रखंड के नोडल शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. इसी दिन दूसरे सत्र में बरारी, बारसोई, डंडखोरा और कुरसेला प्रखंड के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.
17 जुलाई के पहले सत्र में कटिहार, कोढ़ा, फलका और हसनगंज प्रखंड के नोडल शिक्षक शामिल होंगे. दूसरे सत्र में मनिहारी, मनसाही, प्राणपुर और कदवा प्रखंड के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.
प्रधानाध्यापकों को दिए गए निर्देश
डीपीओ रवि रंजन ने सभी विद्यालय प्रधानाध्यापकों को अपने-अपने विद्यालय से एक नोडल शिक्षक नामित कर निर्धारित तिथि और समय पर प्रशिक्षण में भेजना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. इस प्रशिक्षण के बाद संबंधित शिक्षक अपने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को किशोरावस्था शिक्षा कार्यक्रम के तहत जागरूक करेंगे.
