– एकसल्ला पंचायत की धूम टोला में तनाव, जांच व कार्रवाई की मांग बारसोई प्रखंड के एकसल्ला पंचायत के धूम टोला में बुधवार की शाम प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित रिश्वतखोरी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. आरोप है कि आवास के नाम पर अवैध वसूली से आक्रोशित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने आवास सहायक को कुछ समय के लिए बंधक बना लिया. इस दौरान पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गये. ग्रामीणों के आंदोलन का नेतृत्व जनप्रतिनिधि बिमल रविदास, जमील अख्तर, पूर्व मुखिया हरेराम सिंह कर रहे थे. जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सरकार की जनकल्याणकारी योजना है, जो पूरी तरह नि:शुल्क है. लेकिन इसके बावजूद आवास सहायक उमर फारूक एवं उनके सहयोगियों द्वारा गरीब व जरूरतमंद लोगों से खुलेआम रिश्वत ली गई है. आरोप है कि इस प्रक्रिया में पंचायत स्तर पर लाखों की अवैध वसूली की गयी है. मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाय तथा ग्रामीणों से अवैध रूप से वसूली गयी राशि को तत्काल वापस कराया जाय. जनप्रतिनिधियों ने इसे गरीबों के हक पर सीधा प्रहार बताते हुए प्रशासन से सख्त रुख अपनाने की अपील की. पीड़ित ग्रामीणों मंजुरा खातुन, नीलमा खातुन, सुभान सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि आवास दिलाने के नाम पर उनसे अवैध राशि ली गई है. पीड़ितों ने कहा कि पैसे देने के बावजूद अब तक न तो सर्वे का लाभ मिला और न ही कोई स्पष्ट जवाब. बीडीओ चंदन प्रसाद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पर्यवेक्षक एवं स्थानीय पुलिस को घटनास्थल पर भेजा. संबंधित व्यक्तियों से आवेदन प्राप्त होने पर पूरे मामले की जांच कर नियमसम्मत कार्रवाई की जायेगी. इधर आबादपुर थाना अध्यक्ष शादाब अहमद ने बताया कि पुलिस बल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर रहा है, लोगों से बातचीत की जा रही है और आवास सहायक को सुरक्षित बंधनमुक्त कराने की प्रक्रिया जारी है, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे संवेदनशील कार्यक्रम में रिश्वतखोरी के आरोप ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते असंतोष को भी उजागर किया है, अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं
रिश्वतखोरी का आरोप, आवास सहायक को बनाया बंधक
रिश्वतखोरी का आरोप, आवास सहायक को बनाया बंधक
