– परिजन व ग्रामीणों सीएचसी में जमकर किया हंगामा- एसडीओ व डीएम से की कार्रवाई की मांग आजमनगर सीएचसी आजमनगर में एक चिकित्सक पर 17 वर्षीय नाबलिग लड़की का जबरन बंध्याकरण ऑपरेशन करने का आरोप लगा है. मामला सामने आने के बाद बुधवार को परिजनों व अन्य लोगों ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया. एसडीओ व डीएम को जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की. जानकारी के अनुसार आजमनगर प्रखंड के चौलहर पंचायत के एक गांव की नाबालिग की शादी करीब दो माह पूर्व थाना क्षेत्र के जंगीपुर के एक गांव के युवक से जबरन करा दी गई थी. युवक पूर्व से ही शादीशुदा तथा चार बच्चों के पिता हैं. शादी के बाद से पति एवं परिवार वालों ने साजिश के तहत एक आशाकर्मी व एक चिकित्सा पदाधिकारी के साथ मिलकर नाबालिग की जबरन बेहोशकर बंध्याकरण ऑपरेशन करा दिया.इसके बाद पति उसे उसे दिल्ली लेकर चला गया. चार दिन बाद जब नाबालिग को होश आया तो उन्होंने अपने परिजनों से वीडियो कॉल पर बात कर पीड़ सुनाई. इसके बाद माता एवं पिता दिल्ली पहुंचे और नाबालिग पुत्री को वापस घर लाया. नाबालिग के पिता ने कहा, आशाकर्मी, डॉक्टर एवं लड़के के परिवार वालों की मिलीभगत से बेटी का बंध्याकरण करा दिया गया. उन्होंने डॉक्टर तथा आशा के विरुद्ध आजमनगर थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. सोशल एक्टिविस्ट अजहर निजामी ने डीएम को फोन पर मामले से अवगत कराया. दोषी पाए जाने वाले आशाकर्मी तथा डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की. वहीं चौलहर पंचायत के मुखिया ने मांग की मामले को अधिकारी गंभीरता से लें. कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार शेखर ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए कहा कि पीड़िता के पति ने जो दस्तावेज दिए थे उसमें पत्नी की उम्र 25 वर्ष थी. नियम के अनुसार बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया. जो दस्तावेज दिए गए हैं वह सही या गलत है इसकी जिम्मेवारी महिला के पति की है. हमारे द्वारा सही दस्तावेज मिलने पर बंध्याकरण की गई है.
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