बाहरी समझेंगे सड़क ही है नाला

हद है!. न्यू मार्केट के पीछे सड़क पर महीनों से बह रहा नाले का पानी स्वच्छता को लेकर जारी रैंकिंग मंे कटिहार की स्थिति से शहरवासी शर्म महसूस कर रहे हैं, पर नगर निगम पर इसका कोई असर नहीं है. अाज भी कई ऐसे मुहल्ले हैं, जहां नाले की सफाई नहीं होने से उसका पानी […]

हद है!. न्यू मार्केट के पीछे सड़क पर महीनों से बह रहा नाले का पानी

स्वच्छता को लेकर जारी रैंकिंग मंे कटिहार की स्थिति से शहरवासी शर्म महसूस कर रहे हैं, पर नगर निगम पर इसका कोई असर नहीं है. अाज भी कई ऐसे मुहल्ले हैं, जहां नाले की सफाई नहीं होने से उसका पानी सड़क पर ही बहता है. दूसरे देखने पर सड़क को लोग नाला ही समझ बैठते हैं.
कटिहार : भले ही स्वच्छता को लेकर देश भर में कटिहार शहर गंदा शहरों की सूची में शामिल होकर शर्म महसूस कर रहा हो. पर, कटिहार नगर निगम प्रशासन अभी भी इस मामले में पूरी तरह गंभीर नहीं है. यह अलग बात है कि डीएम मिलिथिलेश मिश्र की सक्रियता की वजह से निगम प्रशासन शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में कुछ काम शुरू किया है, लेिकन इसका भी कोई नतीजा अब तक सामने नहीं आया है. शहर के कई ऐसे मुहल्ले हैं, जो जलजमाव से जूझ रहे हैं.
ऐसे मुहल्ले के पास आवागमन को लेकर भी गंभीर समस्या है. ऐसा भी नहीं है कि मोहल्ले के लोगों ने नगर निगम प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं दी है. कई बार शिकायत करने के बाद भी नगर निगम प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया है. फलस्वरुप स्थिति जस की तस बनी हुई है. मुहल्ले के लोग नरकीय स्थिति का सामना करते हुए अपना दैनिक कार्य निपटाते है. नगर निगम के वार्ड संख्या 20 के न्यू मार्केट के पीछे का मुहल्ला जलजमाव से त्रस्त है. नाले के पानी सड़क पर पसर गया है.
इ ससे आवागमन में कठिनाई हो रही है. यह स्थिति पिछले 5-6 महीने से बनी हुई है. स्थानीय लोगों ने नगर निगम को इस मामले की जानकारी एक आवेदन के माध्यम से दे दी. अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार कटिहार गंदे शहरों में सबसे आखिरी पायदान पर है. यह रिपोर्ट जारी होने के बाद देशभर में कटिहार शहर की किरकिरी हुई. जिस स्थिति से निगम प्रशासन कार्य कर रही है. उससे नहीं लगता है कि कटिहार देश के स्वच्छ शहरों में जल्द शामिल हो सकेगी. मुहल्लेवासी के छोटे-छोटे समस्या को भी निगम प्रशासन नजर अंदाज करती रही है.
उदासीन बना है निगम प्रशासन
नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 20 के अंतर्गत न्यू मार्केट के पीछे का मुहल्ला की सड़क पर नाले के पानी आने से यहां नरकीय स्थिति बनी गयी है. इस स्थिति का सामना मुहल्ले के लोग करीब 5-6 महीने से कर रहे है. निगम प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है. न तो नाले की सफाई की जा रही है और ना ही सड़क पर फैला पानी को हटाया जा रहा है. सड़क पर जमा पानी से बदबू निकलती है. उसी बदबू के बीच मुहल्ले के लोग नाक पर रूमाल लेकर किसी तरह आवाजाही करते है.
सबसे बड़ी समस्या महिलाओं एवं बच्चों को होती है. भले ही निगम प्रशासन स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट आने के बाद कटिहार शहर को स्वच्छ बनाने को लेकर लोगो से सुझाव मांगने व कार्ययोजना बनाने की बात करती हो. इस मुहल्ले की स्थिति देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि निगम प्रशासन की इच्छा शक्ति की कमी की वजह से लोग सड़क पर फैला नाले की पानी का खामियाजा भुगत रहे है.
लोगों की शिकायत कचरे के डिब्बे में
नाले के पानी से परेशान लोगों ने स्थानीय वार्ड कमिश्नर सहित निगम प्रशासन के अधिकारियों को भी स्थिति से अवगत कराया तथा जल जमाव से मुक्ति दिलाने को लेकर गुहार भी लगायी. मुहल्लेवासी के गुहार का कोई असर वार्ड कमिश्नर एवं नगर निगम प्रशासन पर नहीं पड़ा. फलस्वरुप मुहल्ले के लोग इसी नरकीय स्थिति का सामना करते हुए अपना दैनिक कार्य निपटा रहे है. सड़क पर पसरा नाले के पानी से निजात दिलाने के लिये मुहल्ले के करीब 167 लोगों ने नगर आयुक्त एवं मेयर को आवेदन दिया था.
मुहल्ले के हीरा प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, विभूति प्रसाद चौधरी, विवेकानंद मुखर्जी सहित 167 लोगों के हस्ताक्षर युक्त आवेदन को फरवरी 2017 में ही दिया गया था. आज तक की दिशा में कोई पहल नहीं हुई. हीरा प्रसाद विभूति, राजेंद्र आदि ने बताया कि वार्ड कमिश्नर सहित नगर निगम प्रशासन के स्तर से इस मामले में कोई पहल नहीं हुई. मुहल्ले के लोग सड़क पर फैला नाले का गंदा पानी से होकर ही आवाजाही करते है. नाले की साफ-सफाई नियमित नहीं होने से से भी सड़क पर जल जमाव की स्थिति लंबे समय बनी हुई है.

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