कलाई पर अपराधियों की नजर

अपराध. एक दिन पूूर्व दियरा में गोलीबारी से बढ़ी दहशत काला सोना के नाम से दियरा क्षेत्र में मशहूर कलाई की फसल पूरी तरह से पक कर तैयार हो गयी है. किसान अब काटने की तैयारी में हैं तो अपराधी भी लूट के लिए नजर गड़ाये है. एक दिन पूर्व दियरा में अपराधियों की गोलीबारी […]

अपराध. एक दिन पूूर्व दियरा में गोलीबारी से बढ़ी दहशत

काला सोना के नाम से दियरा क्षेत्र में मशहूर कलाई की फसल पूरी तरह से पक कर तैयार हो गयी है. किसान अब काटने की तैयारी में हैं तो अपराधी भी लूट के लिए नजर गड़ाये है. एक दिन पूर्व दियरा में अपराधियों की गोलीबारी से किसान दहशत में हैं. वैसे भी दियरा में अपराधियों की मनमानी कोई नयी बात नहीं है.
कटिहार : काला सोना के नाम से दियरा क्षेत्र में मसहूर कलाई की फसल पूरी तरह से पक कर तैयार हो गयी है. कलाई की फसल कटनी का दौर शुरू होने के साथ ही अपराधियों की चहल कदमी भी तेज हो गयी है. अपराधी कलाई की फसल पर कब्जा करने के लिए किसानों को धमकाना शुरू कर दिया है. जिससे किसानों में दहशत है. पुलिस किसानों को पूरी सुरक्षा देने का दावा तो कर रही है लेकिन उनका दावा हवा हवाई साबित हो रही है. गौरतलब हो कि जिले के कुरसेला, बरारी,
मनिहारी एवं अमदाबाद प्रखंड के दियरा क्षेत्र में कलाई की फसल बड़े पैमाने पर होती है. इस वर्ष बाढ़ भी आयी थी जिसके कारण कलाई की फसल बहुत अच्छी हुई है. जिसपर अपराधियों की गिद्ध दृष्टी बनी हुई है. हाल यह है कि आपराधी किसानों में भय पैदा करने के ख्याल से लगातार दियरा क्षेत्र में गोलीबारी की घटना को अंजाम दे रहे हैं.
रविवार को ही बरारी प्रखंड के दियरा क्षेत्र में अपराधियों ने कटे कलाई फसल को लूटने का असफल प्रयास किया लेकिन उसमें अपराधी सफल नहीं हो सके. पुलिस, सैप के जवान व ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से अपराधियों को खेदड़ दिया. इस दौरान भागने के क्रम में अपराधी दो बंदूक व आठ गोली छोड़ गये. पुलिस ने उन हथियारों को जब्त कर लिया है. हालांकि अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है.
अपराधियों की जमघट से किसान दहशत में
कलाई की फसल पर कब्जा जमाने के लिए अपराधियों की जमघट दियरा क्षेत्र में हो रही है. इससे किसानों में दहशत का माहौल है. किसानों को चिंता सता रही है कि कलाई की फसल वे अपने घर तक सुरक्षित लेकर जा भी सकेंगे या नहीं. किसानों का कहना है कि दियरा क्षेत्र में अपराधियों का जमघट जिस तरह बढ़ रहा है उस हिसाब से पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो सकी है. जिस कारण लोगों में भय का वातावरण है. ज्ञात हो कि कुरसेला व बरारी का दियरा क्षेत्र भागलपुर जिला के पीरपैंती व कहलगांव की सीमा को छूता है. इन स्थानों पर पुलिस को जाने के लिए गंगा पार होना पड़ता है. इसके बाद ही वहां पहुंचा जा सकता है. अपराधियों की ओर से किसी तरह की कार्रवाई होती है तो तुरंत पुलिस का वहां तक पहुंचना मुश्किल होता है. ऐसे में पुलिस को स्थायी रूप से वहां तैनात करने से ही अपराधियों से निपटा जा सकता है.
हमेशा होती है गोलीबारी
कटिहार जिले के दियरा क्षेत्र में अपराधियों ने अपना साम्राज्य स्थापित कर रखा है. वहां सिर्फ अपराधियों की तूती बोलती है. दरअसल दियरा क्षेत्र में पुलिस कैंप नहीं होने की वजह से यह समस्या उत्पन्न होती है. बरारी के दियरा क्षेत्र की बात करें तो गंगा के उस पार कई गांव बसते हैं जहां पहुंचने के लिए पुलिस को दो ही उपाय है या तो नाव से पार होकर वहां पहुंचे या भागलपुर होते हुए पीरपैंती से पहुंचा जा सकता है. रात में कोई घटना होती है तो पुलिस का वहां पहुंचा संभव ही नहीं होता है. ऐसे में सुरक्षा पर सवाल उठना ही है.

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