वृंदावन गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में भजन पर झूमतीं महिला श्रद्धालु.
कटिहार : प्रभु में सच्ची निष्ठा ही सच्चे भक्त की निशानी है. स्थानीय वृंदावन गार्डन में बड़ी धूमधाम से श्री कृष्ण का जन्म हुआ. अध्यात्म चेतना मंच एवं मटरु मल रत्ना देवी ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित भागवत कथा के चौथे दिन खूब धूमधाम से नंद उत्सव का आनंद भक्तों ने उठाया. बाल व्यास पंडित शिवम विष्णु पाठक जो कि कोलकाता से पधारे हैं. पहले तो दिव्य श्री राम के वंश का वर्णन किया. तत्पश्चात प्रभु श्रीराम के चरित्र पर प्रकाश डाला. सूर्यवंश इसमें प्रभु श्री राम पधारे में अनेको नेक वीर, प्रतापी राजा हुए. अंबरीश, सागर, भागीरथ, रघु, दिलीप, हरिश्चंद्र, दशरथ उनमें से कुछ प्रमुख हैं.
इस भागवत कथा में विशाल पंडाल भी छोटा पड़ गया एवं श्रोता गन रोड तक भागवत कथा में आनंद रसपान कर रहे थे. उसका शब्दों में वर्णन नहीं हो पा रहा है. राम तो आदर्श हैं. जीवन में जीने का मार्ग राम का चरित्र बताता है. जो मेरे राम का नहीं वह मेरे किसी काम का नहीं. दिव्य भजनों एवं शुलोक स्वर लहरियों के आनंद में झूमते श्रोताओं के मध्य पंडित शिवम विष्णु पाठक ने चंद्रवंश का उद्बोधन प्रारंभ किया. प्रभु जी के आगमन पर गोविंद जी की स्तुति गायी मानो सारा पंडाल ही ब्रजमंडल बन गया था कथा प्रसंग में योग माया के माध्यम से बलराम प्रभु का संकर्षित होकर माता रोहनी के गर्व में अस्थापित होने की कथा का वर्णन हुआ.
अध्यात्म चेतना मंच के सभी सदस्य इस आनंद की बेला में उपस्थित थे. अयुष सुल्तानिया, बबलू अग्रवाल, अशोक तमाखुवाला , राजु अग्रवाल, किशनलाल अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, बबलू चौधरी, संजीव सुरेखा, दीपक एवं चेम्बर के सचिव अजय सिंघानिया उपस्थित थे.
