नाराजगी . विस्थापितों के पुनर्वास की मांग
शहीद चौक स्थित बस स्टैंड परिसर में पुनर्वास संघर्ष समिति द्वारा विस्थापितों के पुनर्वास की मांग को लेकर अनशन गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा. इस बीच अनशनकारी समिति के संस्थापक प्रमुख विक्टर झा की स्थिति बिगड़ने लगी है.
कटिहार : अनशन पर बैठे विक्टर झा की चिकित्सकों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है. जिला प्रशासन द्वारा अब तक अनशनकारी एवं उनके समर्थन में पहुंचे सैकड़ों विस्थापितों की सुधि नहीं लेने पर लोगों में आक्रोश पनप रहा है. अनशन के तीसरे दिन समर्थक शहर में जुलूस निकालकर समाहरणालय तक गये और नीतीश सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. अनशन के समर्थन में पहुंचे विस्थापितों ने राज्य सरकार पर विस्थापितों के साथ अन्यायपूर्ण नीति अपनाने का आरोप लगाया. आमरण अनशन पर बैठे अनशनकारी पुनर्वास समिति के संस्थापक के अल्टीमेटम में अब दो दिन शेष रह गये हैं.
अनशन पर बैठे विक्टर झा ने कहा कि विस्थापित परिवारों को बसाने में जिला प्रशासन महज खानापूर्ति कर रहा है. विस्थापितों को ऐसी जमीन उपलब्ध करायी जा रही है, जो या तो वह गड्ढानुमा है या फिर वह बसने लायक नहीं है. जहां कुछ अच्छी जमीन है उसपर भू-माफियाओं का कब्जा है. ऐसे में आखिर किस प्रकार विस्थापित परिवार को बसाने की बात जिला प्रशासन कर रहा है.
विक्टर झा का बीपी चेक करते चिकित्सक .
सैकड़ों की संख्या में जुटे हैं विस्थापित परिवार
विस्थापित परिवार को पुनर्वास कराने को लेकर शहीद चौक पर आमरण अनशन के तीसरे दिन भी सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ मौजूद रही. एक तो सर्द की रात ऊपर से रात में सोने की दिक्कत, फिर भी लोग अनशनस्थल पर डटे हुए हैं. सुबह आठ बजे से अनशन स्थल पर कार्यक्रम शुरू हो जाता है. वक्ता अपनी-अपनी बात रखते है
और सरकार सहित जिला प्रशासन के विरुद्ध आग उगलते हैं. मौके पर डॉ एमआर हक, आलमगीर, मनोज विश्वास, हारूण रशीद, सन्नी कुमार, संतोष आजाद, मो हैदर, तपन कुमार, जग्गू, जहरीना, राजु श्रीवास्तव, राशि अहमद, गुड्डू कुमार, मोजीर्बुर रहमान सहित सैकड़ों विस्थापित परिवार मौजूद थे.
