कटिहार : ट्रांस जेंडर और अल्पसंख्यकों पर हिंसा के दौरान चेन्नई में 28 वर्षीय तारा की मौत संदेहास्पद स्थिति में होने को लेकर शहर के अंबेदकर चौक से ट्रांस जेंडर के हक की लड़ाई को लेकर मशाल जुलूस निकाला गया.
अंबेदकर चौक से शहीद चौक पहुंचकर यह जुलूस आम सभा में तब्दील हो गया. वक्ताओं ने कहा कि तारा की मौत की निष्पक्ष जांच हो तथा इस मामले में जो भी दोषी हों उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाये. केंद्र सरकार अपना ट्रांस विरोधी कानून का प्रस्ताव वापस ले तथा राजनैतिक बंदियों के ऊपर बढ़ती हिंसा, हिरासत में पुलिस दमन व अल्पसंख्यकों पर लगातार वार पर सख्त कानून हो सहित अन्य मांग रखी. तारा एक 28 साल की किन्नर थी, जो सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में चेन्नई में काम करती थी.
चेन्नई के पोंडी बाजार थाना के सामने तारा को जली हुई हालत में पाया गया. अस्पताल पहुंचते ही तारा की मौत हो गयी. तारा नौ नवंबर को चेन्नई के पोंडी बाजार थाने में अपने स्कूटर व फोन जिसे पुलिस ने बिना किसी वजह के जब्त कर लिया था उसे छुड़ाने गयी थी. उस बीच उसके साथ थाने में ऐसी क्या घटना हुई कि तारा थाने से निकलकर अपने को आग लगा ली.
अंबेदकर चौक से निकला जुलूस, की सभा
मामला चेन्नई में ट्रांस जेंडर तारा की मौत का
निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा देने की मांग
