सौरभ अपहरण कांड. आठवें दिन भी पुलिस के हाथ खाली
पुलिस सौरभ के लापता होने की सही वजह तक नहीं बता पा रही है. उसकी सकुशल बरामदगी को लेकर पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है. कटिहार बंद सहित मनिहारी में भी अपहृत की बरामदगी को लेकर आंदोलन जारी है.
कटिहार : सौरभ अपहरण कांड में आठवें दिन भी पुलिस के हाथ खाली हैं. सौरभ मामले में पुलिस अबतक अंधेरे में तीर चला रही है. पुलिस सौरभ की लापता होने की सही वजह तक नहीं बता पा रही है. सौरभ की सकुशल बरामदगी को लेकर पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है. कटिहार बंद सहित मनिहारी में भी सौरभ की बरामदगी को लेकर आंदोलन जारी है. बावजूद सौरभ का अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. हालांकि एसपी के निर्देश पर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. शहर के कई मुख्य चौक चौराहों का भी सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया. लेकिन पुलिस के हाथ किसी प्रकार का अहम सुराग नहीं लग पाया है.
पुलिस कर रही पूछताछ
इधर पुलिस मामले को लेकर अपहृत सौरभ के एक दर्जन से भी अधिक दोस्त, महिला मित्र, तथा करीबी दोस्त जिसके साथ सौरभ नित्य समय बिताता था. पुलिस उन सभी से एक एक कर पूछताछ कर ली है. यहां तक कि अररिया से पुलिस ने राजिक नाम के छात्र को भी पकड़कर कटिहार लाया है. राजिक फोन से सौरभ की बहन को परेशान करता था. साथ ही सौरभ के बहन के साथ छेड़खानी को लेकर राजिक व सौरभ का झगड़ा भी अररिया में हो चुका था. पुलिस राजिक से भी पुछताछ की है लेकिन अबतक पुलिस विफल साबित हो रही है.
आखिर कहां गया सौरभ
कटिहार वासियों के जेहन में अब यह बात कौंधने लगी कि आखिर सौरभ कहां गया क्या उसे जमीन निगल गयी या आसमान. सौरभ के सभी दोस्तों से पुलिस पूछताछ कर लिया है. उसके बाद सौरभ की जिससे भी रंजिश थी पुलिस उन युवकों से भी पूछताछ कर चुकी है. बावजूद पुलिस के हाथ खाली है. पुलिस भी इस उधेड़बुन में है कि आखिर सौरभ कहां है. क्या आपसी रंजिश का शिकार हो गया या फिर किसी ने उसका अपहरण कर लिया है. फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच करने में जुटी है. सौरभ के लापता होने के बाद मुहल्ले में मातम पसरा हुआ है.
मां की स्थिति दिन ब दिन हो रही है खराब
सौरभ अपहरण को लेकर उसके परिजनों की दिनों दिन स्थिति खराब ही हो रही है. मां कंचन देवी, बहन निशा का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा है. सौरभ की सुधि को लेकर घर में पहुंचने वाले लोगों को देखते ही मां रोने लगती. सौरभ की बरामदगी को लेकर परिजन पुलिस व प्रशासन से भी गुहार लगा चुके है. यहां तक कि राज्यपाल के आगमन पर भी पीड़ित परिवार राज्यपाल से मिले तथा अपने पुत्र की बरामदगी को लेकर आवेदन दिया. लेकिन अबतक पुलिस के हाथ खाली है.
