मंत्र व आरती यदि किसी व्यक्ति को याद भी रहे, तो गाते समय पुस्तक को आगे रख कर ही अपने इष्टदेव की आराधना करनी चाहिए.
कटिहार : पाठकों की सुविधा को देखते हुए प्रभात खबर ने आरती संग्रह पुस्तिका का प्रकाशन किया है. यह पुस्तिका अखबार के साथ मुफ्त में पाठकों को मिलेगा.
इस पुस्तिका के प्रकाशन के पीछे सबसे बड़ा कारण है कि कई ऐसी आरतियां हैं, जो लोगों को कंठस्थ है, लेकिन पंडितों को मानना है कि मंत्र व आरती यदि किसी व्यक्ति को याद भी रहे, तो गाते समय पुस्तक को आगे रख कर ही अपने इष्ट देव की आराधना करनी चाहिए, ताकि इसे पढ़ने में कोई गलती न हो. इस लिहाज से प्रभात खबर द्वारा प्रकाशित यह आरती संग्रह पुस्तिका संजो कर रखने लायक है. यदि किसी भी पाठक को यह पुस्तिका नहीं मिले, तो अपने हॉकर से अवश्य मांगें, यह आपका अधिकार है. हां, यह संग्रह कैसा लगा, यह भी हमें बतायें.
