फलका : भरसीया पंचायत के मंसूरी टोला में दो बच्चियों की डूबने से मौत के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा था. परिजनों के चीत्कार व क्रंदन से वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंख नम थी. घटना की सूचना जिसको मिली, वही मौके की तरफ दौड़ पड़ा. गांव के लोगों को समझ में नहीं आ रहा था यह खुदा का यह कैसा कहर है. एक ही परिवार की दो चचेरी बहनों की लाश देख सभी विचलित थे. जब एक ही घर से दो-दो जनाजे एक साथ निकले, तो यह दृश्य हृदयविदारक था. जनाजे में शामिल लोगों के आंखें नम थीं.
मृत संजीदा की मां रुखसाना सिर पटक-पटक कर रो रही थी. वहीं मृत शकीला खातून की मां उमेसा खातून की स्थिति पागलों जैसी हो गयी थी. पिता मो खेरुद्दीन एवं उनके भाई मो मालिक के आंखों के आंसू ही सूख गये थे. घटना की खबर सुनते ही अंचलाधिकारी जगन्नाथ चौधरी, मुखिया कतिला देवी, समाजसेवी अनिल यादव, अनिल पासवान मौके पर पहुंचे कर परिजनों को लाश के पोस्टमार्टम के लिए काफी समझाया, पर परिजन पोस्टमॉर्टम के लिए इनकार कर दिये. जबकि बीपीएल परिवार होने के कारण पंचायत में कबीर अंत्येष्टि की राशि नहीं रहने के कारण पीड़ित परिवार को नहीं मिल सकी.
