कार्य में उदासीनता बरतने के आरोप में जिला समन्वयक का वेतन रोका
पीएचइडी के दो सहायक अभियंता से भी स्पष्टीकरण
कटिहार : समाहरणालय के सभाकक्ष में नमामि गंगे कार्यक्रम की सफलता को लेकर जिला पदाधकारी ललन जी की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों की बैठक हुई. इसके पूर्व पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के सचिव ने वीडियो क्राॅन्फ्रेंसिंग के जरिये जिला पदाधिकारी के साथ नमामि गंगे कार्यक्रम को लेकर समीक्षा की. वीसी में मिले दिशा निर्देश के आलोक में डीएम ने बैठक के दौरान अधिकारियों से अद्यतन स्थिति की जानकारी ली. बैठक में शामिल जिला जल एवं स्वच्छता समिति के जिला समन्वयक द्वारा लक्ष्य सहित कार्यक्रम से जुड़ी अन्य जानकारी डीएम द्वारा मांगे जाने पर नहीं उपलब्ध कराया गया.
इस पर डीएम ने जिला समन्वयक अविनाश कुमार को फटकार लगाते हुए कार्यक्रम के प्रति लापरवाही व उदासीनता की वजह से स्पष्टीकरण पूछने व वेतन स्थगित रखने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान पीएचइडी के सहायक अभियंता संदीप कुमार व मनिकांत सिंह की लापरवाही उजागर होने पर उनसे भी स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया. डीएम ने बैठक में पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि अभी तक शौचालय निर्माण की जितनी योजनाओं में लाभुकों को अनुदान दिया गया है, उसकी सूची अविलंब जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को उपलब्ध करायें. साथ ही उपलब्ध कराये गये सूची में नाम छूटने पर अगर दोबारा भुगतान होता है
, तो इसकी सारी जवाबदेही कार्यपालक अभियंता की मानी जायेगी. बैठक में बताया गया कि योजना के तहत वर्ष 2013 में बनी सूची से संबंधित पंचायतों में शौचालय का निर्माण किया जाना है. बैठक में गंगा किनारे सभी 27 पंचायतों के चिह्नित गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने को लेकर अब तक की गयी कार्रवाई की समीक्षा की गयी. डीएम ने निर्देश दिया कि दिसम्बर 2016 तक गंगा किनारे चिह्नित सभी गांव को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए ठोस पहल की जाये. बैठक में उप विकास आयुक्त मुकेश पाण्डेय, डीआरडीए के निदेशक राम निरंजन सिंह, डीपीआरओ अक्षय रंजन सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.
