त्योहार में सोच समझ कर करें मिठाई की खरीदारी

मिठाई खरीद के दौरान रोजाना हजारों की संख्या में लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. इसकी मूल वजह लोगों में जागरूकता का अभाव है. कटिहार : मौसम त्योहारों का है और इस दौरान सबसे आम है मिठाई. गरीब हो या अमीर उनकी जरूरत मिठाई जरूर बनती है. हर कोई इस मौके पर मिठाई के […]

मिठाई खरीद के दौरान रोजाना हजारों की संख्या में लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. इसकी मूल वजह लोगों में जागरूकता का अभाव है.

कटिहार : मौसम त्योहारों का है और इस दौरान सबसे आम है मिठाई. गरीब हो या अमीर उनकी जरूरत मिठाई जरूर बनती है. हर कोई इस मौके पर मिठाई के माध्यम से रिश्तों में मिठास लाने का प्रयास करता है. सबसे अधिक मिठाई की खरीदारी पूजा-पाठ के लिए होती है. लेकिन थोड़ी सी लापरवाही कहें या जागरूकता का अभाव लोग मिठाई की खरीद में ठगी का शिकार हो रहे हैं. ग्राहकों को मिठाई का दर भले ही कुछ भी बताया जाता हो, लेकिन वास्तविकता में दुकानदार उससे काफी अधिक कीमत की वसूली करते हैं. जबकि ग्राहकों को इस बात का अंदाजा तक नहीं लग पाता है.
आंखों के सामने होती है तौल में चोरी : सुनने में बात भले ही अटपटी लगती हो, लेकिन हकीकत यही है कि मिठाई के खरीद में ग्राहकों के आंखों के सामने ही दुकानदारों द्वारा तौल में चोरी की जाती है. यहां तक कि एक किलो मिठाई वजन से 70 से 150 ग्राम तक कम तौला जाता है और लोग खामोश रहते हैं.
क्योंकि तौल मशीन पर वजन 01 किलोग्राम ही दिखता है. दरअसल यह चोरी मिठाई के डब्बे के माध्यम से होती है. दुकानदार मिठाई के 01 किलोग्राम वजन की कीमत बताता है. लेकिन उसकी तौल डब्बे के साथ की जाती है. जितना आकर्षक मिठाई का डब्बा होता है, ग्राहकों को संतुष्टि उतनी ही अधिक मिलती है.

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