आज सूना-सूना रहेगा कटिहार

बाढ़ बना कारण . इस बार सादगी से मनेगा जिला स्थापना दिवस जिला स्थापना दिवस इस बार फीका-फीका रहेगा. रविवार को दो अक्तूबर है. इस दिन हर वर्ष जिला स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता रहा है. पर, इस बार जिला प्रशासन ने बाढ़ का हवाला देकर इसे सादगी के साथ मनाने का […]

बाढ़ बना कारण . इस बार सादगी से मनेगा जिला स्थापना दिवस

जिला स्थापना दिवस इस बार फीका-फीका रहेगा. रविवार को दो अक्तूबर है. इस दिन हर वर्ष जिला स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता रहा है. पर, इस बार जिला प्रशासन ने बाढ़ का हवाला देकर इसे सादगी के साथ मनाने का फैसला किया है.
कटिहार : बिहार में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सत्ता संभाली, तो सभी जिले को यह निर्देश दिया कि समारोह पूर्वक जिला स्थापना दिवस मनाया जाये. तब से हर वर्ष जिला स्थापना दिवस समारोह का आयोजन होता रहा है. जिला प्रशासन ने करीब एक सप्ताह पूर्व जिला स्थापना दिवस समारोह को लेकर बैठक बुलायी थी. उसके बाद स्थापना दिवस समारोह को लेकर क्या तैयारी की गयी है. इसकी जानकारी नहीं दी गयी. इस बार लोगों को उम्मीद थी कि जिला स्थापना दिवस पूर्व की भांति मनाया जायेगा.
इसी उम्मीद से विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने तैयारी भी की थी. पर, अधिकारिक रूप से स्थापना दिवस समारोह को लेकर अब तक कोई गतिविधि नहीं होने से लोगों में निराशा है. हालांकि जिला स्थापना दिवस को लेकर समाहरणालय सहित सरकारी भवनों को सजाया गया है.
सरकारी भवनों को सजाया गया
प्रशासनिक गतिविधि की जानकारी नहीं
जिला स्थापना दिवस पर पूर्व की भांति जिला प्रशासन द्वारा समारोह आयोजित नहीं किये जाने से कटिहार सूना-सूना नजर आयेगा. जिला प्रशासन ने बाढ़ का हवाला देकर सादगी के साथ स्थापना दिवस मनाने की तैयारी की है. यद्यपि रविवार को होने वाले जिला स्थापना दिवस को लेकर प्रशासन ने किस तरह की तैयारी की है, इसकी सूचना अब तक किसी को नहीं दी गयी है. समाहरणालय सहित सरकारी भवनों को सजाया गया है. पहले जिला स्थापना दिवस समारोह के तहत राजेंद्र स्टेडियम में स्टॉल लगाया जाता था. सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता था. स्मारिका का विमोचन सहित कई तरह की गतिविधियों का आयोजन जिला स्थापना दिवस समारोह के तहत होते रहे हैं.
लेकिन इस बार इस तरह की कोई तैयारी नहीं हुई है. इस बार जिला स्थापना दिवस समारोह को लेकर जिला पदाधिकारी ललन जी की अध्यक्षता में करीब एक सप्ताह पूर्व बैठक हुई थी. इसमें सभी से सुझाव मांगा गया था कि किस तरह का आयोजन किया जाये. उसके बाद से अब तक स्थापना दिवस को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हुई गतिविधि की जानकारी नहीं मिली.
लंबे संघर्ष के बाद मिला था जिला का दर्जा
कटिहार को जिला का दर्जा कोई तोहफे में नहीं मिला. जानकारों की मानें, तो लंबे संघर्ष के बाद पूर्णिया से काट कर कटिहार को जिला का दर्जा दिया गया. स्थानीय लोगों ने जिला बनाने की मांग को लेकर लंबा संघर्ष किया. धरना, प्रदर्शन, अनशन के अलावे लोगों को जेल तक जाना पड़ा. जिला बनाने को लेकर किये गये संघर्ष के साक्षी रहे केबी झा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डाॅ राजेंद्र नाथ मंडल बताते हैं कि कटिहार को जिला बनाने के लिए कई संघर्ष किये गये. उनके साथ कई लोग जेल भी गये
तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा कटिहार में हुए संघर्ष के बाद जिला बनाने की स्वीकृति दी गयी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार सत्ता संभालने के बाद ही हर जिले को स्थापना दिवस मनाने को लेकर निर्देश दिया. उसके पहले इस तरह का प्रचलन नहीं था. कटिहार जिले में तत्कालीन डीएम प्राण मोहन ठाकुर ने जिला स्थापना दिवस मनाने की शुरुआत की.
नीतीश कुमार ने जब पहली बार सत्ता संभाली तो समारोहपूर्वक स्थापना दिवस मनाने का दिया था निर्देश
डीएम ने बैठक कर मांगा था सभी से सुझाव

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >