अवध-असम एक्सप्रेस के कटिहार पहुंचने पर आरपीएफ व जीआरपी ने शव को उतारा
मृत यात्री के पहचान छपरा जिले के मझौरा निवासी के रूप में की गयी
कटिहार : लालगढ़ से गुवाहाटी जाने वाली अवध-असम एक्सप्रेस के जनरल कोच के टॉयलेट से गुरुवार को जिस यात्री का शव आरपीएफ व जीआरपी ने बरामद किया, उसकी पहचान गोरहन महतो, मझोरा छपरा निवासी के रूप में की गयी. कटिहार रेलवे स्टेशन पर रेलयात्री का शव बरामद करने के दौरान जब रेल पुलिस ने उक्त कोच के यात्रियों से पूछताछ की, तो कुछ यात्रियों ने बताया कि उक्त रेलयात्री का शव यूपी के मुरादाबाद से ही टायलेट में पड़ा है. अब सवाल यह उठता है कि मुरादाबाद के बाद क्या ट्रेन में जीआरपी व आरपीएफ ने उक्त कोच में स्कॉट नहीं किया.
रेलवे की लापरवाही उजागर
अवध असम एक्सप्रेस रात के एक एक से दो बजे के बीच मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर थी. उक्त ट्रेन गुरुवार को दिन के 2.15 बजे कटिहार रेलवे स्टेशन पर पहुंची. रेलयात्री का शव तकरीबन 12 घंटे से अधिक समय तक ट्रेन केटॉयलेट में पड़ा रहा, लेकिन मुरादाबाद के आगे के स्टेशनों पर शव की जानकारी आरपीएफ व जीआरपी को नहीं होना रेलवे की सुखद यात्रा पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है.
नशाखुरानी का शिकार, तो नहीं हुआ
पूर्व में भी इस तरह के कई मामले आ चुके हैं सामने
35 वर्षीय रेलयात्री की मौत कहीं नशाखुरानी गिरोह के वजह से तो नहीं हो गयी. क्योंकि पूर्व में भी कई मामले ऐसे देखने को मिले, जब गिरोह यात्रियों को अपना शिकार बनाये और समय पर इलाज नहीं होने से यात्री की मौत हो गयी. एक ऐसा ही मामला बीते वर्ष पूर्व किसनगंज में देखने को मिला था, जहां कोच में बैठे यात्रियों ने बताया था
कि यात्री पटना से पहले से ही नशाखुरानी गिरोह का शिकार हुआ था. यात्रियों ने जीआरपी सहित अन्य पुलिस बल को सूचित भी किया था कि यात्री घंटों से अचेत पड़ा है. पर, रेल पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका परिणाम था कि उक्त यात्री की मौत यात्रा के दौरान हो गयी.
