शुभारंभ. निरीक्षी जज ने भवन व शेड का किया उद्घाटन
कहा, अधिवक्ता पुराने मुकदमों के जल्द निबटारे को दें प्राथमिकता
कटिहार : पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सह निरीक्षी न्यायाधीश कटिहार न्याय मंडल जस्टिस हेमंत कुमार श्रीवास्तव ने गुरुवार को व्यवहार न्यायालय हाजत भवन का उद्घाटन किया. साथ ही निरीक्षी न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर में आगंतुकों के लिए बने विजिटर्स शेड का भी उद्घाटन किया. गुरुवार से सत्र न्यायाधीश न्यायालयों में जाने के लिए अब गेट पास की आवश्यकता होगी. जगह-जगह पुलिस बल को तैनात किया गया है. निरीक्षी न्यायाधीश ने अधिवक्ता संघ में भी अधिवक्ताओं को संबोधित किया. मुख्य प्रशाल भवन में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जस्टिस श्रीवास्तव ने कहा कि न्यायालय में पुराने मुकदमों के निबटारे के लिए अधिवक्ता एवं न्यायिक पदाधिकारी मिलकर जल्द से जल्द निबटारे का प्रयास करें. इससे पक्षकारों में उसकी विश्वनीयता बनी रहेगी.
न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं के बैठने की समस्या के संदर्भ में कहा कि वे अधिवक्ता संघ की ओर से आये प्रस्ताव को प्राथमिकता के तौर पर बिना देर किये स्टैंडिंग कमेटी में भेज देंगे. न्यायाधीश ने यह भी कहा कि न्यायिक पदाधिकारी पहले अधिवक्ता होते हैं तब वह न्यायिक पदाधिकारी बनते हैं. इस कारण उन्हें अधिवक्ताओं की समस्या का ध्यान हमेशा रहता है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर झा ने कहा कि कटिहार न्याय मंडल के अपने अच्छे व्यवहार के कारण जाने जाते हैं.
अधिवक्ताओं की समस्याएं रखीं : अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गुलाम रसीद ने अधिवक्ताओं की समस्या की ओर निरीक्षी न्यायाधीश का ध्यान आकृष्ट कराया. संघ के सचिव विजय कुमार झा ने कहा कि वे अधिवक्ताओं के लिये संघ भवन के पूरब की जगह के लिये निरीक्षी न्यायाधीश को जल्द ही संघ की ओर से प्रस्ताव भेजेंगे. मौके पर न्यायिक पदाधिकारी के अलावा बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे. इस सभा में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एके झा, अपर प्रधान न्यायाधीश रमेश चंद्र मालवीय,
एडीजे रघुपति सिंह, एचसी श्रीवास्तव, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुजीत कुमार श्रीवास्तव, एसीजेएम यूके शर्मा, कुमार ऋषिकेश, रणविजय कुमार, सुनील कुमार, कुमार रवि, रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी आरके मिश्रा, मुंसफ एमके झा, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सबा आलम, एस के शर्मा, डीके राय सहित संघ के कार्यकारिणी समिति के सदस्यों में उपाध्यक्ष लक्ष्मी शर्मा, मीना शर्मा, संयुक्त सचिव रूपेश कुमार, मिथिलेश झा, कार्यकारिणी समिति सदस्य जितेंद्र, दीपक सहित वरीय अधिवक्ता सुशील कुमार झा, राजेंद्र मिश्रा, मो आलम, संजीव कुमार, बिनोद कुमार मंडल सहित सैंकड़ो अधिवक्ता उपस्थित थे.
