इस सप्ताह गरमी का तापमान दिन ब दिन बढ़ता ही गया. वहीं सप्ताह का रविवार 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जिसके कारण लोग गरमी के कारण बेचैन दिखे. वैसे तो बढ़ती धूप व गरमी के कारण दोपहर में लोगों की आवाजाही कम ही दिखती है, लेकिन रविवार को पारा चढ़ने के कारण सड़कें वीरान हो गयी थीं. लोग गरमी से बचने के लिए इधर-उधर भटक रहे थे.
तापमान 42 डिग्री के पार हालात . इस सप्ताह का सबसे गरम दिन रहा रविवार
इस सप्ताह गरमी का तापमान दिन ब दिन बढ़ता ही गया. वहीं सप्ताह का रविवार 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जिसके कारण लोग गरमी के कारण बेचैन दिखे. वैसे तो बढ़ती धूप व गरमी के कारण दोपहर में लोगों की आवाजाही कम ही दिखती है, लेकिन रविवार को पारा चढ़ने के कारण सड़कें […]

कटिहार : इन दिनों बढ़ती धूप व गरमी से लोग खासे परेशान हैं.
इस सप्ताह गरमी का तापमान दिन ब दिन बढ़ता ही गया. वहीं सप्ताह का रविवार 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जिसके कारण लोग गरमी के कारण बेचैन दिखे.
वैसे तो बढ़ती धूप व गरमी के कारण दोपहर में लोगों की आवाजाही कम ही दिखती है, लेकिन रविवार को पारा चढ़ने के कारण सड़कें वीरान हो गयी थीं. लोग गरमी से बचने के लिए इधर-उधर भटक रहे थे. गरमी भी ऐसी कि मिनट-मिनट पर प्यास लग रही थी.
लोग पानी पी-पीकर अपने प्यास बूझा रहें थे और पेड़ के नीचे गरमी से बचने की कोशिश कर रहे थे. फिर भी गरमी कम होने का ना नहीं ले रहे थे. कितने लोग तो रविवार की गरमी में दोपहर में घर से निकलना भी मुनासिब नहीं समझा. शाम को थोड़ा ठंडापन मिलने के बाद ही बाजारों में लोगों की चहल कदमी देखी गयी. इस गरमी से लोगों में त्राहिमाम मचा हुआ है. सब उम्र तबके के लोग इस गरमी से परेशान हैं.
शहर में प्याऊ की व्यवस्था नदारद
नगर निगम क्षेत्र में प्याऊ की व्यवस्था नदारद है. इस भीषण गरमी में लोगों को पानी का ही सहारा है. प्याऊ की व्यवस्था नहीं होने के कारण प्यास बुझाने के लिए लोग इधर-उधर भटक रहे हैं. वहीं नगर निगम की ओर से शहर में लगाये गये अधिकांश चापानल खराब हो चुके हैं. अमीर लोग तो डब्बा बंद पानी पीकर अपनी प्यास बुझा लेते हैं. वहीं गरीब लोगों को तो चापानल ही एक सहारा है.
परेशानियों से जूझते रहे यात्री
रविवार को एकाएक पारा चढ़ने के कारण गरमी व धूप परवान पर था. इससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पडी. अस्थायी बस पड़ाव में शेड व चापाकल नहीं होने के कारण यात्री धूप से बचने और प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकते रहे. फिर भी उनकी परेशानी कम नहीं हो रही थी.
फलका प्रतिनिधि के अनुसार, आग उगलती धूप व गर्म पछुवा हवा से लोगो को जीना मुहाल कर दिया है. फलका प्रखंड मुख्यालय में आने जाने वाले लोगो को अभी भी पानी पीने के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है. लोग एक बूंद पानी पीने के लिए तरस रहे हैं. प्रखंड मुख्यालय के कोई भी कार्यालय में पानी पीने की व्यवस्था नहीं है. यहां तक की आरटीपीएस जैसे प्रखंड मुख्यालय के वयस्त कार्यलय में भी पानी पीने की सुविधा नहीं है. यहां भी चापाकल की कोई सुविधा नहीं है. जब की सरकारी नियम के अनुसार आरटीपीएस कार्यालय में आने जाने वाले लोगो के लिए बैठने व पानी पीने की वयवस्था होनी चाहिए. परंतु फलका प्रखंड मुख्यालय में लोग आते हैं तो पानी पीने साथ लाते हैं. अगर कोई पानी साथ में नहीं लाता है, तो उसे पानी के लिए भटकना पड़ता है.
अमदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, प्रखंड में चिलचिलाती धूप व गर्मी से आम जन परेशान हैं. इस गर्मी में सबसे अधिक स्कूली बच्चों व मजदूरों को कठिनाई होती है. सुबह आठ बजे से ही कड़ाके के धूप निकल जाती है. पूरे दिन सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है. पूरे दिन प्रखंडवासी पेड़ की छांव तले अपना दिन गुजारने को विवश है. शाम चार बजे के बाद ही अपना दैनिक कार्य कर पाते है. वहीं जो मजदूर हैं, उन्हें दिनभर चिलचिलाती हुई धूप में काम करना पड़ता हैं. इस गर्मी का प्रतिकूल असर पशु-पक्षियों में भी देखा जा रहा है.
धूप में खड़े होकर ट्रेन का इंतजार
कटिहार. आग उगलती धूप एवं भीषण गरमी से बचाव के लिए कटिहार जैसे बड़े जक्शन में धूप से बचने के लिए प्लेटफॉर्म में छत नहीं है. प्लेटफॉर्मसंख्या एक, दो एवं तीन नंबर प्लेटफॉर्म के ऊपर शेड की कमी के कारण यात्री परेशान है. दुर दराज से आने वाली ट्रेन जब कटिहार स्टेशन पर आ कर रुकती है, तो यात्री जब बाहर निकलते है तो चिलचिलाती धूप होने के कारण अंदर जा कर बैठना पसंद करते है.
वहीं यात्री जब पानी लेने के लिए नल के पास जाते हैं, तो निराश होकर वापस लौट आते हैं. क्योंकि इस भीषण गरमी में पानी भी गरम निकलता है. स्टेशन पर लगे फ्रिजर को देखते हैं तो दौड़ कर पानी लेने के लिए वहां जाते हैं, तो फ्रिजर से गरम पानी निकलते देखकर वापस लौट आते हैं.