आम जन के साथ पशु-पक्षी भी गरमी से बेहाल फसल हो रही चौपट
बलिया बेलौन : तेज धूप एवं गरम हवा से जहां आम आदमी समेत पशु-पक्षी परेशान हैं, वहीं नदी, नाला, तालाब सूखने व जल स्तर नीचे चले जाने से इस का कुप्रभाव खेतीबाडी, पेड़-पौधों पर भी पड़ने लगा है.
पानी के अभाव में खेतों में लगी फसल समेत पेड़-पौधे सूखने लगे हैं. क्षेत्र के निस्ता, बलिया बेलौन, कुरूम, बेनीबाड़ी, शेखपुरा आदि जगहों पर सैकड़ों एकड़ में लगी मूंग की फसल, साग सब्जी, गर्माधान, पटसन आदि पानी के अभाव में सूख रहे हैं. किसानों ने बताया की बोरिंग से खेतों की सिंचाई पूरा नहीं हो पाती है. ऐसे में खेतों में लगी फसल सूखने लगी है. पानी का लेयर नीचे चले जाने से बोरिंग से पानी भी कम निकलता है. ताल तलैया के सूख जाने से पंप सेट से सिंचाई नहीं की जा सकती है. किसानों ने बताया कि इस सप्ताह तक वर्षा नहीं होती है, तो फसल नष्ट हो जायेगी.
कहते हैं लोग
रिजवानपुर के मो अनीस आलम ने बताया की किसानों को हर प्रकार की परेशानी झेलनी पड़ती है. वर्षा कम होने से, सूखार अधिक होने से तथा बाढ़ से जुझना पड़ता है. सरकार को इस का उपाय निकालना चाहिये.
निस्ता के मो अनजार आलम ने कहा की किसानों को महंगी खाद, बीज के साथ ही महंगी डीजल से सिंचाई करनी पड़ती है. इस के बावजूद खेत सूख कर फसल नष्ट होती है.
ऐसे में किसानों की हालत खराब है. बिझाड़ा के शाहिदुर रहमान ने कहा की इस क्षेत्र में भी सरकार द्वारा सस्ती सिंचाई व्यवस्था करे. मधाईपुर के अफाक अख्तर ने कहा की तेज धूप व पछुआ हवा ने मखाना की फसल, मछली पालन, गर्मा धान, पटसन की खेती को प्रभावित किया है. यहां भी बिजली से सिंचाई की व्यवस्था होती तो किसानों को अधिक क्षति नहीं होगी.
