नाबालिग सड़कों पर दौड़ा रहे टेंपो

कटिहार : ऑटो की सवारी अब करना खतरे से खाली नहीं है. आये दिन टेंपो से हो रहीं दुर्घटनाएं कई तरह के सवालिया निशान खड़े कर रही हैं. वैसे तो पूरे जिले में हजारों की संख्या में टेंपो हैं. लोग रोजी रोजगार के लिए टेंपो चलाकर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं, […]

कटिहार : ऑटो की सवारी अब करना खतरे से खाली नहीं है. आये दिन टेंपो से हो रहीं दुर्घटनाएं कई तरह के सवालिया निशान खड़े कर रही हैं. वैसे तो पूरे जिले में हजारों की संख्या में टेंपो हैं. लोग रोजी रोजगार के लिए टेंपो चलाकर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं, लेकिन कुछ लोग टेंपो खरीद कर नौसिखिया व नाबािलग को चलाने के लिये दे देते हैं. इनके पास न तो चलाने का अनुभव रहता है और न ही ड्राइविंग लाइसेंस रहता है. कई लोग तो ऐसे हैं िक एक दिन टेंपो को किसी फिल्ड में एक राउंड चला लेते हैं और दूसरे दिन से उसको सड़कों पर दौड़ाने लगते हैं. इतना ही नहीं जर्जर हो चुके टेंपो को भी टेंपो चालक सड़कों पर दौड़ाते रहते हैं.
ओवरलोड भी बनता है दुर्घटना का कारण
अधिकांश टेंपो चालक ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में यात्रियों को ओवरलोड करके बैठा लेते हैं. यात्रियों का हाथ पैर बाहर निकला रहता है. टेंपू चालक मस्ती में अपनी गाड़ी दौड़ाते रहते हैं. इन चालकों को यात्रियों के जान माल से कोई लेना देना नहीं रहता है. वे सिर्फ रुपये से प्यार करते है. यही कारण है कि आये दिन जिले में टेंपो दुर्घटना होते रहती है. इन चालकों पर नकेल कसने के लिये परिवहन विभाग की ओर से कोई भी कारगर कदम नहीं उठाया जाता है. जिसके कारण इन टेंपो चालकों का हौसला बुलंद है.
हाल के दिनों में हुईं दुर्घटनाएं
एक जनवरी को मनिहारी अनुमंडल अस्पताल के समीप ड्राइवर टोला निवासी एक व्यक्ति की मौत दो टेंपो के जबरदस्त टक्कर होने से हो गयी. दोनों ऑटो के टक्कर में उस व्यक्ति का सिर कटकर जमीन में नीचे गिर गया.
सदर प्रखंड के बेलवा में इसी हफ्ते टेंपो के पलटने से एक लड़की की मौत हो गयी. वहीं 21 अप्रैल को मधेपुरा के अभ्यर्थी सिरसा आर्मी कैंप में मेडिकल कराने कटिहार स्टेशन बिल्डिंग से टेंपो पकड़ के सिरसा कैंप जा रहे थे. टेंपो वाले ने बाढ़ नियंत्रण कार्यालय के समीप खड़े ट्रक में ठोकर मार दी. जिससे मधेपुरा निवासी अभ्यर्थी की जान चली गयी.
उपरोक्त खबर को देखकर आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि टेंपू चालक कितने दक्ष होते हैं टेंपो चलाने में अगर टेंपो चालक के ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी की फिटनेस चेक, ओवरलोड की जांच की जाय तो कुछ हद तक दुर्घटना पर काबू पाया जा सकता है. वहीं कई ऐसे चालक भी हैं जो नाबालिग हैं. उन्हें ठीक से साइकिल चलाना नहीं आता है और ये लोग फर्राटे से टेंपो सड़कों पर दौड़ाते हैं. इनकी भी जांच की जाय तो कई टेंपो मालिकों पर गाज गिर सकती है.
कहते हैं जिला परिवहन पदाधिकारी
जिला परिवहन पदाधिकारी अरविंद कुमार पंकज ने बताया कि टेंपो के लिए कुछ नियम हैं. नियम का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई होती है. ओवरलोड टेंपो चलाने पर दो हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक आर्थिक दंड देने का प्रावधान है. आगे की सीट पर यात्रियों को बैठाना नियम का उल्लंघन है. समय समय पर चेकिंग होती है. इसमें परमिट, ओवरलोड, लाइसेंस आदि चेक किया जाता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >