चुनाव को लेकर गांवों में सरगरमी हुई तेज

पंचायत चुनाव के विभिन्न पदों के दावेदार व चुनाव में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से दिलचस्पी रखने वालों की निगाहें उच्च न्यायालय पर टिकी है. कटिहार : जिले में पंचायत चुनाव में अपनी दावेदारी को लेकर संभावित उम्मीदवारों ने क्षेत्र का भ्रमण शुरू कर दिया है. आरक्षण रोस्टर के जारी होने के बाद से ही दावेदार अपने-अपने […]

पंचायत चुनाव के विभिन्न पदों के दावेदार व चुनाव में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से दिलचस्पी रखने वालों की निगाहें उच्च न्यायालय पर टिकी है.
कटिहार : जिले में पंचायत चुनाव में अपनी दावेदारी को लेकर संभावित उम्मीदवारों ने क्षेत्र का भ्रमण शुरू कर दिया है. आरक्षण रोस्टर के जारी होने के बाद से ही दावेदार अपने-अपने क्षेत्र में लोगों से संपर्क कर अपने पक्ष में सहमति बनाने में जुटे हुए हैं.
त्रिस्तरीय पंचायत के तहत खासकर जिला परिषद सदस्य, मुखिया, सरपंच व पंचायत समिति सदस्य के प्रमुख दावेदार के क्षेत्र भ्रमण से गांव का माहौल अभी से गरमाने लगा है. जबकि चुनाव की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुआ है.
मतदाता भी दावेदार को खुश करने के लिए अपनी सहमति देने से नहीं चुक रहे हैं. इस बीच जिला प्रशासन ने भी चुनाव की तैयारी में जुट गयी है. स्वच्छ व निष्पक्ष, शांतिपूर्ण चुनाव कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) सह जिला पदाधिकारी ललन जी ने विभिन्न कोषांगों का गठन करने के बाद मतदाता सूची व मतदान केंद्र के प्रकाशन को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमोदित मतदान केंद्र की सूची का प्रकाशन सोमवार को किया जाना है.
हाइकोर्ट पर टिकी निगाहें
इस बीच आयोग के अनुमोदन के बाद पंचायत चुनाव के लिए विभिन्न पदों को लेकर जारी आरक्षण रोस्टर पर सवाल खड़ा होने लगा है. कटिहार सहित विभिन्न जिलों से आरक्षण रोस्टर के खिलाफ मामला उच्च न्यायालय पहुंच चुका है.
उच्च न्यायालय में समेकित रूप से मामले की सुनवाई सोमवार को करेगी. ऐसे में पंचायत चुनाव के विभिन्न पदों के दावेदार व चुनाव में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से दिलचस्पी रखने वालों की निगाहें उच्च न्यायालय पर टिकी है. सोमवार को उच्च न्यायालय आयोग द्वारा जारी आरक्षण रोस्टर पर क्या फैसला सुनाती है. यह सोमवार को ही पता चलेगा. फिलहाल प्रशासनिक व पंचायतों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है.
अटकलों पर विराम
आयोग द्वारा अनुमोदित आरक्षण रोस्टर के जारी होने के बाद सीटों के आरक्षण को लेकर पिछले बीस दिनों से चल रहे अटकलों पर विराम लग गया है. दूसरी तरफ आरक्षण रोस्टर के जारी होने के बाद से गांव के चौक चौराहा व गली-मुहल्ले में चुनावी चर्चा जोर पकड़ने लगी है. मुख्य रूप से चर्चाओं के केंद्र में आरक्षण की वजह से वर्तमान प्रतिनिधि की कुर्सी जाने का मामला है, तो संभावित उम्मीदवार को लेकर भी चर्चा जोरों पर हो रही है.
वहीं संभावित उम्मीदवार अभी से ही घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने में लगे हैं. आसन्न पंचायत चुनाव में जिला परिषद सदस्य, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य व पंच आदि कुल 6 पद के लिए मतदाता वोट डालेंगे.
कहते हैं जिला पंचायती राज पदाधिकारी : जिला पंचायती राज पदाधिकारी फैयाज अख्तर ने इस संदर्भ में बताया कि स्वच्छ, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण पंचायत चुनाव संपन्न कराने को लेकर जिला पदाधिकारी ललन जी के नेतृत्व में जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है. इसके लिए सभी स्तर पर जरूरी तैयारियां शुरू कर दी गयी है.
दो मार्च को जारी हो सकती है अधिसूचना
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चुनाव आयोग दो मार्च को अधिसूचना जारी कर सकती है. पंचायत चुनाव के संभावित उम्मीदवारों व प्रशासनिक महकमा में इस तरह की संभावना जतायी जा रही है.
सूत्रों के अनुसार कटिहार जिले में आठ चरणों में पंचायत चुनाव कराने संबंधी प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा गया है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में भी कटिहार जिले में पंचायत चुनाव आठ चरणों में करायी गयी थी. उसी आधार पर जिला पंचायत कार्यालय द्वारा आठ चरणों में चुनाव कराने का प्रस्ताव भेजा गया है. जिले में इस बार कितने चरणों में चुनाव होंगे, इसका आखिरी फैसला आयोग के स्तर से ही होना है.
आज होगा मतदान केंद्र का अंतिम प्रकाशन
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर वार्ड स्तर पर मतदान केंद्र बनाने की तैयारी एक माह पूर्व शुरू हुई. राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमोदित मतदान केंद्र की सूची का अंतिम प्रकाशन सोमवार को होती है.
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 20 फरवरी तक राज्य निर्वाचन आयोग से मतदान केंद्रों की सूची का अनुमोदन करा लेना था. अनुमोदित मतदान केंद्रों की सूची का अंतिम प्रकाशन सोमवार को किया जाना है. जबकि वार्ड स्तर पर विखंडित मतदाता सूची को भी अंतिम रूप दे दिया गया है. जिला प्रशासन समयबद्ध तरीके से पंचायत चुनाव की तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे हैं.
छह सौ मामलों का िनष्पादन
लोक अदालत में पक्षकार काफी संतुष्ट दिखे, लेकिन कुछ बैंकों के हठी रवैये के कारण ऋणधारी समझौते के मूड में रहने के बावजूद अपने ऋण का समझौता नहीं करवा पाये.
प्रतिनिधि, कटिहार
व्यवहार न्यायालय के प्रांगण में रविवार को हुए राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों के 600 से अधिक मामलों का समझौता के आधार पर निबटारा किया गया.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव सह अवर न्यायाधीश तृतीय उमेश कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आज के लोक अदालत में विभिन्न बैंकों ने एक करोड़ तिरेसठ लाख उनसठ हजार रुपये का समझौता ऋण धारियों के साथ किया. श्री शर्मा ने कहा कि इस लोक अदालत के लिए बैंक एवं प्राधिकार की ओर से पक्षकारों को नोटिस जारी किया गया था. रविवार को हुए लोक अदालत में पक्षकार काफी संतुष्ट दिखे. लेकिन कुछ बैंकों के हठी रवैये के कारण ऋणधारी समझौते के मूड में रहने के बावजूद अपने ऋण को समझौता नहीं करवा पाये.
सुबह ही पहुंच गये थे ऋणधारक
रविवार को हुए लोक अदालत में मामले के निष्पादन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से प्रत्येक स्तर पर प्रचार-प्रसार कर लोगों से अपने मामले समझौते के आधार पर सुलह करने के लिए नोटिस जारी किया था. इसके लिए प्रभारी सचिव सह अवर न्यायाधीश श्री शर्मा ने विगत कई दिनों से लगातार प्रयास जारी रखा था.
रविवार की सुबह व्यवहार न्यायालय में दूर-दराज से आये ऋणियों ने अपने-अपने बैंक से संबंधित बेंचों के समीप उपस्थित होकर समझौते के लिए प्रयासरत दिखे. सबसे अधिक भीड़ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एवं पंजाब नेशनल बैंक से संबंधित बेंचों में देखी गयी.
प्राधिकार की ओर से की गयी थी समुचित व्यवस्था
रविवार को सुबह से ही प्राधिकार की ओर से सचिव सह अवर न्यायाधीश व्यवस्था को सुचारु ढंग से संचालित करने में डटे रहे. कई बेंचों में प्रभारी सचिव स्वयं उपस्थित होकर वां की व्यवस्था बनाये रखने के लिए तटस्थ दिखे. ऋणधारकों से भी अवर न्यायाधीश सीधे रूबरू होते देखे गये एवं उनकी समस्याओं को बैंक पदाधिकारियों तक सीधे संवाद करते देखे गये.
शिवर में पांच बेंचों का किया गया था गठन
राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए रविवार को कुल पांच बेंचों का गठन किया गया था. इसमें प्रथम बेंच के पीठासीन पदाधिकारी कुमार ऋषिकेश, अवर न्यायाधीश चतुर्थ, बेंच संख्या दो के पीठासीन पदाधिकारी अवर न्यायाधीश छह सुनील कुमार, बेंच संख्या तीन के पदाधिकारी मुंसफ मनोरंजन कुमार झा, बेंच संख्या चार के पीठासीन पदाधिकारी एसके शर्मा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम तथा बेंच संख्या पांच के पीठासीन पदाधिकारी डीके राय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी बनाये गये थे.
इन सभी बेंचों में अधिवक्ता सदस्य के रूप में मंकेश कुमार झा, रूपेश कुमार, अखिलेश कुमार, यशस्वी कुमार अग्रवाल तथा चंदन किशोर को अधिवक्ता सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था.
कई बैंकों के मामले नहीं हुए निष्पादित
लोक अदालत में रविवार को 12 बैंकों के मामले का निबटारा किया जाना था. जिसमें इंडियन ओवरसीज बैंक, केनरा बैंक की ओर से एक भी मामले का निष्पादन नहीं किया गया. वहीं दूसरी ओर सबसे अधिक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 344, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 104 तथा पंजाब नेशनल बैंक के 82 मामले निबटाये गये. इसी प्रकार इलाहाबाद बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ इंडिया तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के भी मामले निबटाये गये.
ऋण धारकों में दिखी नाराजगी
रविवार को हुए राष्ट्रीय लोक अदालत में सबसे अधिक नाराजगी ऋणधारकों में बैंक ऑफ बड़ौदा की कटिहार शाखा को लेकर रही. जिसके उपस्थित पदाधिकारियों के हठी रवैये के कारण कई ऋणधारक वापस जाते देखे गये. कई ऋण धारकों ने बैंक ऑफ बड़ौदा के पदाधिकारी के विरुद्ध विधिक सेवा प्राधिकार के समक्ष अपनी लिखित शिकायतें भी दर्ज कराये.
दिलकशनगर डीएस कॉलेज निवासी मो मंजूर आलम ने अपने आवेदन में कहा कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता के लिए आये लेकिन बैंक के पदाधिकारी के रवैये के कारण से वे क्षुब्ध होकर वापस जा रहे हैं. इसी प्रकार मिरचाईबाड़ी निवासी विजय कुमार साह तथा बीएमपी-सात कॉलोनी निवासी विमला देवी ने लिखित आवेदन में इसी प्रकार की शिकायत बैंक ऑफ बड़ौदा के कटिहार शाखा के पदाधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायतें दर्ज करायी.

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