बिजली के लिए तरस रहे अमदावादवासी

बिजली के लिए तरस रहे अमदावादवासी प्रतिनिधि, अमदाबादअमदाबाद प्रखंड क्षेत्र में 16 वर्ष पूर्व बाढ़ की चपेट में आकर बिजली व्यवस्था ध्वस्त हुई थी. इसके बाद से क्षेत्र में लोगों को बिजली के दर्शन नहीं हो सके हैं. एक ओर जहां बिजली के अभाव में बिजली आधारित रोजगार, धंधा कुंद पड़ चुके हैं. वहीं इससे […]

बिजली के लिए तरस रहे अमदावादवासी प्रतिनिधि, अमदाबादअमदाबाद प्रखंड क्षेत्र में 16 वर्ष पूर्व बाढ़ की चपेट में आकर बिजली व्यवस्था ध्वस्त हुई थी. इसके बाद से क्षेत्र में लोगों को बिजली के दर्शन नहीं हो सके हैं. एक ओर जहां बिजली के अभाव में बिजली आधारित रोजगार, धंधा कुंद पड़ चुके हैं. वहीं इससे जुड़े कामगार प्रदेश पलायन कर चुके हैं तो दूसरी तरफ बिजली के विकल्प के रूप में जेनेरेटर सेवा लोगों को महंगी पड़ रही है. गौरतलब है कि अमदाबाद बाजार स्थित विभिन्न दुकानों एवं कई गांवों में लोग जेनेरेटर से अपनी बिजली की जरूरत पूरी कर रहे हैं. लेकिन यह व्यवस्था लोगों को महंगी पड़ जाती है. कहते हैं अमदाबाद प्रखंड के लोगहेयर कटिंग के रोजगार से जुड़े शंकर ठाकुर, कैलाश ठाकुर कहते हैं कि गर्मी के दिनों में बिजली के अभाव में काम करना कठिन हो जाता है. वहीं दुकान में आने वाले ग्राहक पहले पंखे पर ही झांकते हैं. अगर जेनेरेटर से पंखा चल रहा हो तब रुकते हैं नहीं तो चलते बनते हैं. वहीं मोबाइल रिपेयरिंग के कार्य से जुड़े हेमंत कुमार मंडल, पिंटू मंडल कहते हैं कि बिना लाइन के तो उनका काम पूरी तरह बंद हो जाता है. जबकि जेनेरेटर से लिया लाइन महज दिन में दो-तीन घंटा ही मिलता है. उपर से मोटी रकम लगती है तथा सही वोल्टेज भी नहीं रहता है. वहीं रवि कुमार, शुभम कुमार का कहना है कि वे इंटर के छात्र हैं. बिजली के अभाव में रात में पढ़ाई करने में काफी कठिनाई होती है. जबकि बाजार में किरासन तेल काफी महंगा बिकता है. कुल मिला कर बिजली व्यवस्था प्रखंड में नहीं होना लोगों को काफी कचोटता है.

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