कुहासे से यातायात पर पड़ा असर

कुहासे से यातायात पर पड़ा असरस्कूली बच्चों की भी बढ़ी परेशानी फोटो संख्या-1 कैप्सन-अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते लोग प्रतिनिधि, कटिहारघने कुहासे व हवा में कनकनी से लोग परेशान हो रहे हैं. सुबह व शाम में ठंड लोगों को परेशानी कर रही है. घने कुहासे की वजह से ट्रेनों के परिचालन […]

कुहासे से यातायात पर पड़ा असरस्कूली बच्चों की भी बढ़ी परेशानी फोटो संख्या-1 कैप्सन-अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते लोग प्रतिनिधि, कटिहारघने कुहासे व हवा में कनकनी से लोग परेशान हो रहे हैं. सुबह व शाम में ठंड लोगों को परेशानी कर रही है. घने कुहासे की वजह से ट्रेनों के परिचालन पर व्यापक असर पड़ रहा है. जबकि सड़क मार्ग पर वाहन दौड़ नहीं रहे बल्कि रेंग रहे हैं. इससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी विलंब हो रहा है. वैसे तो ट्रेनों का परिचालन पिछले एक माह से विलंब से हो रहा है. खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन चार से 12 घंटे तक विलंब से हो रहा है. जबकि लगातार विलंब से चलने की वजह से रेल प्रशासन को कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है. इससे यात्रियों को घोर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कनकनी से स्कूली बच्चों परेशानसुबह में घना कुहासा के साथ कनकनी वाली ठंड पड़ने की वजह से स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ा दी है. सुबह में 11 बजे तक मंगलवार को कोहरा छाया रहा. जबकि सुबह आठ, नौ बजे का हाल यह था कि सड़क पर घने कुहासे की वजह से नजदीक भी ठीक से दिखायी नहीं पड़ रहा था. दो पहिया सहित अन्य वाहन दिन में लाइट जलाकर चलने को विवश हो रहे थे. ऐसी स्थिति में बच्चों को सुबह में तैयार होकर स्कूली जाने में परेशानी बढ़ गयी है. ठंड की वजह से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर भी असर पड़ रहा है. सड़कों पर रेंग रहे वाहन घने कुहासे व ठंड का आलम यह है कि सड़क पर वाहन दौड़ नहीं रहे बल्कि रेंग रहे हैं. एक घंटे का सफर तय करने में तीन घंटे का वकत लग रहा है. उसमें भी जरा सी असावधानी होने पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. कुहासे का हालत यह है कि सुबह सात बजे तक तो लोग अपने घरों से भी निकलने से कतराते हैं. ऐसा इसलिए हो रहा है कि कुहासे की वजह से कुछ दिखायी नहीं पड़ता है. ऐसे में अधिकांश लंबी दूरी के बड़े वाहन लाइन होटल या सड़क किनारे कुहासे खत्म होने का इंतजार करते हैं. नहीं हुई अलाव की व्यवस्था कड़ाके की ठंड बढ़ते ही जा रही है. लेकिन शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था अब-तक नहीं हो सकी है. ऐसे में गरीबों व फुटपाथ पर रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. खासकर बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, ऑटो पड़ाव आदि में अलाव की व्यवस्था से गरीब व राहगिरों को काफी फायदा होता है. गौरतलब हो कि सरकार ने अलाव की व्यवस्था के लिए करीब एक माह पूर्व ही राशि का आवंटन सभी जिलों को भेज दिया है. इसके बावजूद कही भी अलाव की व्यवस्था नहीं होने से लोगों में आक्रोश है.

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