मशरूम उत्पादन को आत्मसात करें युवा

कटिहार : शहर के तीनगछिया स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के प्रांगण में मशरूम उत्पादन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण में 50 स्नातक के छात्र शामिल हुए. प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र के हेड व वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ रीता सिंह ने किया. उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए […]

कटिहार : शहर के तीनगछिया स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के प्रांगण में मशरूम उत्पादन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण में 50 स्नातक के छात्र शामिल हुए. प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र के हेड व वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ रीता सिंह ने किया.

उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए मशरूम के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन न केवल व्यवसायिक दृष्टिकोण से बेहतर है. बल्कि स्वास्थ्य एवं पौष्टिकता के दृष्टिकोण से भी मशरूम का उपयोग काफी फायदेमंद है.
प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बिहार में मशरूम के विभिन्न प्रजातियों, उत्पादन की विधियां, प्रबंधन तथा संरक्षण को लेकर भी कई महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कम खर्च में मशरूम का उत्पादन बेहतर कर सकते है. इससे रोजगार के अवसर भी खुलते हैं.
डॉ सिंह ने कहा कि मशरूम से न केवल सब्जी तैयार की जाती है. बल्कि विभिन्न तरह के खाद्य पदार्थ में इसका उपयोग होता है. मशरूम में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने की जरूरत है. उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि मशरूम के अधिक से अधिक उत्पादन व्यवसायिक दृष्टिकोण से जरूरी तो है.
साथ ही स्वास्थ्य एवं पोषक के लिए भी मशरूम उत्पादन जरूरी है. इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डॉ केपी सिंह, पंकज कुमार, रमाकांत सिंह, स्वीटी कुमारी, प्रक्षेत्र प्रबंधक ओम प्रकाश भारती, मुकेश सहित कई लोग उपस्थित थे. इस अवसर पर मशरूम उत्पादन को प्रदर्शित भी किया गया.

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