कटिहार : न्यू जलपाईगुड़ी अमृतसर कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन के द्वितीय श्रेणी कोच में आर्मी के जवान के द्वारा कब्जा कर लिये जाने के कारण कटिहार से दर्जनों यात्री ट्रेन में यात्रा करने से वंचित रह गये. जबकि यात्री के सहयोग के लिए सीटीटीआई सहित आरपीएफ के पुलिस पदाधिकारी के अथक प्रयास करने के बावजूद कोच का दरवाजा नहीं खुला. रेल प्रशासन ने यात्रियों को ट्रेन में सवार नहीं करा सके.
कर्मभूमि एक्स के बोगी पर आर्मी जवानों का कब्जा
कटिहार : न्यू जलपाईगुड़ी अमृतसर कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन के द्वितीय श्रेणी कोच में आर्मी के जवान के द्वारा कब्जा कर लिये जाने के कारण कटिहार से दर्जनों यात्री ट्रेन में यात्रा करने से वंचित रह गये. जबकि यात्री के सहयोग के लिए सीटीटीआई सहित आरपीएफ के पुलिस पदाधिकारी के अथक प्रयास करने के बावजूद कोच […]

रेल प्रशासन चाह कर भी मूकदर्शक बना रहा. ट्रेन पन्द्रह मिनट रुकी रही. रेल पुलिस तथा टीटीआई कोच का दरवाजा पीटते रहा. पन्द्रह मिनट के बाद ट्रेन खुल गयी. लेकिन सामान्य कोच में यात्रा करनेवाले कुछ यात्रियों को बंधक बनाये आर्मी के दर्जनभर जवान ने खिड़की एवं दरबाजा को बंद रखकर कोच में आराम फरमाते रहे. फिर भी रेल प्रशासन मूकदर्शक बना रहा.
यात्री ट्रेन में सवार नहीं हो सके : बुधवार को कटिहार प्लेटफार्म संख्या एक पर ट्रेन संख्या 12407 न्यू जलपाईगुड़ी अमृतसर कर्मभूमि एक्सप्रेस निर्धारित समय 11:30 बजे पहुंची. 15 मिनट ठहराव के बाद 11:45 बजे ट्रेन प्रस्थान किया. इस बीच जयंती देवी के साथ कुल सात-आठ सदस्य कटिहार से अमृतसर के लिए एक माह पूर्व आरक्षित टिकट आरक्षित कराया था.
जब टीटीआई यात्रियों के साथ द्वितीय श्रेणी के कोच के पास पहुंचा, तो देखा कि कोच का सभी दरवाजा बंद है तथा खिड़की भी बंद है. टीटीआई ने अपने स्तर से दरवाजा को खटखटाया पांच मिनट से अधिक दरवाजा खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला. जिस पर टीटीआई ने पूछताछ केंद्र सब उद्घोषणा केंद्र में जाकर पूछताछ केंद्र में तैनात टीटीआई को यात्रियों की परेशानी बताते हुए अविलंब रेल पुलिस को बुलाने का उद्घोषणा करने को कहा.
जिस पर उद्घोषणा केंद्र से रेल पुलिस को घोषणा कर बुलाया गया और यात्रियों को सहयोग करने के लिए कहा गया घोषणा सुनते ही अविलंब आरपीएफ के एक पदाधिकारी तथा एक जवान मौके पर पहुंचा. स्थिति को समझने के पश्चात रेल पुलिस ने भी दरवाजा खोलने के लिए कई बार खटखटाया तथा आवाज भी दिया. लेकिन अंदर से दरवाजा किसी ने भी नहीं खोला.