डीएम को भी पांच घंटे तक अंदर घुसने नहीं दिया

कटिहार : विस्थापितों के मूड को देखते हुए डीएम मिथिलेश मिश्र सहित कई अधिकारी व कर्मचारी भी समाहरणालय गेट के बाहर ही रहे. डीएम ने कहा कि विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने के लिए ही वह तथा उनके अधिकारी गेट के बाहर हैं. अनौपचारिक बातचीत में डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन विस्थापितों के […]

कटिहार : विस्थापितों के मूड को देखते हुए डीएम मिथिलेश मिश्र सहित कई अधिकारी व कर्मचारी भी समाहरणालय गेट के बाहर ही रहे. डीएम ने कहा कि विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने के लिए ही वह तथा उनके अधिकारी गेट के बाहर हैं. अनौपचारिक बातचीत में डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर प्रतिबद्ध है. नगर निगम के मेयर विजय सिंह व अन्य अधिकारियों के साथ डीएम करीब पांच घंटे तक समाहरणालय के गेट के बाहर रहे.

मुख्य द्वार पर धरना पर बैठे रहे विस्थापित
पुनर्वास संघर्ष समिति के बैनर तले हजारों विस्थापितों का काफिला अहले सुबह ही राजेंद्र स्टेडियम से समाहरणालय की ओर कूच कर गया. करीब आठ बजे के आसपास गगनभेदी नारों के साथ विस्थापितों का काफिला समाहरणालय पहुंचा. इस बीच एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन की ओर से सभी सरकारी दफ्तरों के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया था. समाहरणालय के आसपास पहुंचते ही विस्थापितों का जत्था अलग-अलग कार्यालयों के मुख्य गेट पर धरना पर बैठ गया.
विस्थापितों का जत्था समाहरणालय, अनुमंडल कार्यालय, विकास भवन, निबंधन कार्यालय के मुख्य द्वार सहित विभिन्न कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना पर बैठा रहा. करीब पांच घंटे तक धरना पर बैठे विस्थापितों द्वारा बीच-बीच में नारेबाजी भी होती रही. विस्थापितों के पुनर्वास की मांग को लेकर कटिहार बंद के आह्वान के तहत सरकारी दफ्तरों में नाकेबंदी का कार्यक्रम था. कार्यालयों में समय से पूर्व ताला बंद होने से अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी अपने अपने दफ्तर नहीं पहुंच सके. इस बीच आंदोलनकारी पुनर्वास के सवाल पर उत्साहित दिखे. जोश में कोई कमी नजर नहीं आयी.

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