कटिहार : सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा की स्थिति ठीक नहीं है. लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण मरीजों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल प्रबंधन भी मरीजों की सेवा में शत-प्रतिशत खरा नहीं उतर रहा है. इसको लेकर मरीजों में काफी रोष देखा जा रहा है.
सदर अस्पताल के ओपीडी में अधिकांश चिकित्सक के समय पर नहीं बैठने के कारण ओपीडी परिसर में मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हो जाती है. इसको लेकर मरीजों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. सदर अस्पताल में सुबह 8:00 बजे मरीज पहुंचना शुरू कर देते हैं, लेकिन अधिकांश चिकित्सक के समय पर ओपीडी में नहीं बैठने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ जाती है. इससे मरीज के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों को भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. वैसे सिविल सर्जन के द्वारा चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों को कई बार हिदायत दी गयी है कि अस्पताल में समय उपस्थित होकर अपनी सेवा निष्ठा व ईमानदारी पूर्वक करेंगे. इसके बावजूद सदर अस्पताल के ओपीडी में ससमय चिकित्सक के नहीं पहुंचने पर अस्पताल की पूरी व्यवस्था चरमरा जाती है.
बुधवार को 11:00 बजे दिन तक कमरा संख्या छह चर्म व गुप्त रोग विभाग, कमरा संख्या आठ शिशु विभाग में चिकित्सक नहीं बैठने के कारण मरीजों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा. अस्पताल में मरीज मासूमा खातून ने बताया कि सुबह 5:00 बजे आजमनगर प्रखंड के निमौल से वह कटिहार सदर अस्पताल 8:30 बजे पहुंची. उन्होंने बताया कि मेरे पांच वर्षीय पुत्र की तबीयत खराब है. सदर अस्पताल पहुंच कर पुर्जा कटा कमरा संख्या आठ के सामने कतार में लग गयी, लेकिन 11:00 बजे तक शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक ओपीडी में नहीं बैठे हैं. इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
हाजीपुर निवासी निशा प्रवीण का कहना है कि सुबह 8:00 बजे सदर अस्पताल पहुंच कर पुर्जा कटा कमरा संख्या छह के सामने कतार में लग गयी, लेकिन 11:00 बजे तक इस कमरे में कोई चिकित्सक नहीं आये हैं. चिकित्सक के नहीं आने के कारण दर्जनों मरीजों घंटों सदर अस्पताल के ओपीडी बरामदे पर इंतजार करने को विवश रहे तथा कई बगैर इलाज कराये वापस लौट गये. प्रसव गृह में भी व्यवस्था को लेकर मरीजों में काफी रोष दिखा.
प्रसव गृह में जगह की कमी रहने के कारण मरीजों को बरामदे पर व जमीन पर घंटों-घंटों बैठ कर चिकित्सक का इंतजार करना पड़ा.
कहते हैं सीएस: सिविल सर्जन आरएन सिंह का कहना है कि पहले की अपेक्षा अस्पताल प्रबंधन में काफी सुधार किया गया है. इसके बावजूद शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि ओपीडी में सभी चिकित्सक को रहना है इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
