साइलो गोदाम बनने के बाद लोगों को मिलेगा रोजगार

कटिहार : पूरे बिहार के पहले साइलो गोदाम की शुरुआत कटिहार से हो रही है. 50 करोड़ की लागत से साइलो गोदाम का निर्माण कार्य एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 50 हजार टन अनाज भंडारण की क्षमता होगी. उक्त बातें केंद्रीय मंत्री राम िवलास पासवान ने कही. मंत्री श्री […]

कटिहार : पूरे बिहार के पहले साइलो गोदाम की शुरुआत कटिहार से हो रही है. 50 करोड़ की लागत से साइलो गोदाम का निर्माण कार्य एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 50 हजार टन अनाज भंडारण की क्षमता होगी. उक्त बातें केंद्रीय मंत्री राम िवलास पासवान ने कही. मंत्री श्री पासवान ने कहा कि पूरे देश में 100 लाख टन का भंडारण क्षमता तीन साल में बढ़ाने की प्लानिंग है.

जिस पर काम तेजी से हो रहा है. उन्होंने कहा कि कटिहार में पुराना एफसीआइ, सीडब्लूसी सहित अन्य गोदाम में 23 हजार 500 टन क्षमता अनाज भंडारण का फिलहाल है. साइलो गोदाम 50 हजार टन क्षमता का एक साल में बनकर तैयार हो जायेगा. अगले साल नवंबर में इसका उद्घाटन कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि साइलो निर्माण में किसी का जमीन नहीं लिया गया है. ये एफसीआइ की जमीन है. उन्होंने कहा कि अगल-बगल के लोगों को साइलो के निर्माण होने के बाद रोजगार मिलेगा.

उन्होंने लोकल लोगों को काम देने की प्राथमिकता की बात कही. उन्होंने कहा कि 100 लाख टन भंडारण की क्षमता पूरे देश का लक्ष्य है. जिसमें साढ़े नौ लाख टन की स्वीकृति बिहार के लिए दिया गया है. उन्होंने कहा कि कटिहार के अलावा भागलपुर, बेतिया, बक्सर व कैमुर में साइलो का निर्माण होना है. पहले चरण में 2 लाख 50 हजार टन क्षमता का गोदाम बनाया जायेगा. अब चूहा अनाज नहीं खायेगा, अनाज नहीं सड़ेगा. समय पर अनाज मिलता रहेगा. अभी जो कानून है हरियाणा, पंजाब से अनाज खरीदते हैं और गरीब को देते हैं. यहां राज्य सरकार खरीदती है. उसी तरह हरियाणा, पंजाब में राज्य सरकार खरीदती है. उसकी राशि केंद्र से हमलोग देते हैं. वहीं एफसीआइ के गोदाम तक भेजते हैं. वहां से अनाज डीलर तक पहुंचाने का काम राज्य सरकार का है. पहले डीलर को लाना होता था. प्रत्येक किलो 87 पैसा ढुलाई व 17 पैसा पॉश मशीन का देते है.

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