कटिहार : केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान एवं पूर्व सांसद नागमणि सोमवार को चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चतुर्थ रणविजय कुमार के न्यायालय में उपस्थित हुए. न्यायालय में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के अंतर्गत दोनों अभियुक्तों का बयान दर्ज किया. वर्ष 1995 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान एक चुनावी जनसभा में 26 मार्च 95 को राजकीय उच्च विद्यालय, कोढा में तत्कालीन सांसद रामविलास पासवान पर आरोप है
कि पीवी नरसिम्हा राव के विरुद्ध व्यक्तिगत टिप्पणी किया था. वही सांसद नागमणि पर आरोप था कि वे एक विशेष जाति के लोगों को जातीय आधार पर वोट डालने के लिए आह्वान किया था. प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी विनोदानंद ठाकुर सहायक बचत पदाधिकारी के प्रतिवेदन पर यह मामला दर्ज किया गया था. न्यायालय में बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य से लिया गया. बहस सुनने के उपरांत बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के प्रार्थना पर अभिलेख को पुनः निर्णय के लिए रखा गया.
तत्पश्चात न्यायालय ने साक्षय के अभाव में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान तथा पूर्व सांसद नाम मनी को रिहा कर दिया तथा बंधपत्र के दायित्व से मुक्त करने का भी आदेश दिया. न्यायालय में केंद्रीय मंत्री तथा पूर्व सांसद आदेश पारित होने तक हाथ जोड़ रहे. केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के न्यायालय में उपस्थित होने की खबर सुनते ही लोक जनशक्ति पार्टी के स्थानीय नेताओं की जमघट की लगना शुरू हो गया था. केंद्रीय मंत्री के न्यायालय में उपस्थित देख आमलोगों के बीच उनमें कोतूहल का विषय बना रहा. न्यायालय में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान तथा पूर्व सांसद नागमणि की ओर से अधिवक्ता बीके दास, नूतन कुमारी, भारतेश आदि ने न्यायालय में उनका पक्ष रखा.
