हिंदू के अलावा दूसरे समुदाय के लोग भी निष्ठा के साथ करते हैं छठ
कटिहार : जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लोक आस्था का महापर्व छठ का उत्साह परवान पर है. मंगलवार को कद्दू भात यानी नहाय खाय के साथ चार दिवसीय अनुष्ठान का महापर्व शुरू हो गया है. इस बीच लोक आस्था के इस महापर्व में मजहब की दीवार भी टूटती नजर आ रही है. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. पिछले डेढ़ दो दशक से हिंदू समुदाय के अलावा दूसरे समुदाय के लोग भी छठ पर्व पूरे परंपरागत व निष्ठा के साथ करते है. जिले में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग बड़ी तादाद में छठ पर्व करते है.
पूरी आस्था रखते हुए छठ पर्व पर चार दिवसीय अनुष्ठान का आयोजन होता है. बरारी प्रखंड के कई गांवों में बसे सिख समुदाय के लोग परंपरागत व उल्लास के साथ पिछले डेढ़ दशक से भी अधिक समय से छठ पर्व करते है. दूसरी तरफ कई मुस्लिम समुदाय की महिलाएं भी परंपरागत तरीके से छठ व्रत करते है. दरअसल आस्था व विश्वास के आगे मजहब की दीवार टूट जाती है. ऐसा सिर्फ अल्पसंख्यक समुदाय के साथ नहीं होता है. बल्कि हिंदू समुदाय के साथ भी होता है. समय-समय पर हिंदू समुदाय
के लोग भी अजमेर शरीफ जाकर चादरपोशी करते है. साथ ही स्थानीय स्तर पर भी पीर मजार व हर वर्ष लगने वाले उर्स पर भी चादरपोशी करते रहे है. इसलिए इन उदाहरणों साफ हो गया है कि आस्था व विश्वास के आगे धर्म आड़े नहीं आता है. मंगलवार को अल्पसंख्यक समुदाय के छठ व्रतियों ने भी नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय इस महापर्व का अनुष्ठान शुरू किया है. बुधवार को होने वाले खरना के लिए गेहूं को भी सुखाया है.
बड़ी तादाद में सिख समुदाय करते हैं छठ
जिले के बरारी प्रखंड अंतर्गत विभिन्न सिख समुदाय बहुल गांव में छठ पर्व मनाया जाता है. सरदार अमरजीत सिंह इस बारे में बताते हैं कि आस्था की वजह से सिख समुदाय के लोग छठ करते है. कई मनोकामना भी पूरी हुई है. इससे छठ पर्व को लेकर आस्था बढ़ी है. प्रखंड के बारीनगर, बरारी, गुरुबाजार, भंडारतल, उचला, हुसैना, भैंसदीरा, लक्ष्मीपुर, कांतनगर के सिख परिवारों में छठ पूजा होती है. सिख परिवार त्रिलोचन सिंह की पत्नी हरदीप कौर, मनजीत कौर,
नीलम कौर, अमरजीत कौर, सतवंत कौर, सरदार गुरदीप सिंह, सरदार अर्जुन सिंह बताते हैं कि यह पर्व हमारे परिवार में 20 वर्षों से किया जा रहा है. मान्यता के अनुसार कई व्रतियों ने पूजा समाप्ति के उपरांत घाट पर प्रसाद से भरा सूप को लुटाते है. इधर, लक्ष्मीपुर गांव की जमीशन खातून जी परंपरागत व हर्षोल्लास के साथ छठ पर्व करती है इस बार भी पूरे अनुष्ठान के साथ छठ पर्व कर रही है.
करीब एक दशक से जमीन सन खातून परंपरागत तरीके से छठ पर्व करती है. जमीशन की माने तो यह पर्व उनकी निजी आस्था व विश्वास से जुड़ा है. 36 घंटे तक निर्जला रहकर बड़े ही नियमपूर्वक और पूरे विधि-विधान के साथ वो छठ पूजा करती है. कटिहार शहर से सटे दिघी कटिहार में भी एक मुस्लिम महिलाएं परंपरागत व निष्ठा के साथ छठ पर्व पर निर्जला उपवास रखती है.
