पिता महेंद्र रजक के बयान पर प्राणपुर थाने में सिपाही अजय रजक व उसकी दूसरी पत्नी के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज
हत्यारोपित सिपाही को भेजा गया जेल, दूसरी पत्नी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही है छापेमारी
कटिहार : प्राणपुर थाना क्षेत्र के बस्तौल में नीलम की हत्या के मामले में उसके पिता महेंद्र रजक के बयान पर प्राणपुर थाने में बीएमपी जवान अजय रजक व उसकी दूसरी पत्नी के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न में हत्या को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
हालांकि पुलिस ने ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाये गये हत्यारोपित अजय को शुक्रवार को ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसकी दूसरी पत्नी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छोपमारी कर रही है. बता दें कि बस्तौल निवासी बीएमपी जवान अजय रजक ने गुरुवार की रात अपनी पहली पत्नी नीलम की बेरहमी से पिटाई कर उसे फंदे से घर में लटका कर हत्या कर दी थी.
इसकी जानकारी होते ही शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गये थे और हत्यारोपित अजज की पिटाई करते हुए उसे बंधक बना लिया था. बाद में कटिहार एसडीपीओ लाल बाबू यादव के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची थी और लोगों को समझा-बुझा कर अजय को अपनी कस्टडी में लिया था. नीलम का मायका पूर्णिया जिले के छर्रापट्टी टीकापट्टी में है. 13 वर्ष पूर्व उसकी शादी बस्तौल पंचायत निवासी अजय रजक से हुई थी.
पहली पत्नी के रहते, की थी दूसरी शादी
अजय भले ही पुलिस विभाग में था, लेकिन उसका नेचर अपराधियों जैसा था. उससे गांव वाले भी हमेशा परेशान रहते थे. पहली पत्नी के रहते हुए भी अजय पड़ोस की ही लड़की से संपर्क में था. दोनों को अंतरंग अवस्था में लड़की के परिजन व गांव वालों ने पकड़ लिया था. इसके बाद लड़की के परिजनों के दबाव पर अजय ने उससे शादी कर ली. दूसरी शादी होते ही अजय नीलम व अपनी तीनों बेटियों को खर्च देना भी बंद कर दिया. नीलम अपनी तीनों बेटियों की परवरिश व उनकी पढ़ाई-लिखाई का खर्च नहीं मिलने के कारण परेशान रहने लगी.
इसको लेकर अक्सर नीलम व अजय में विवाद होता रहता था. इससे नाराज होकर अजय बात-बात पर पत्नी नीलम को बेरहमी से पीटता था. नीलम अपनी बच्चियों के भविष्य को लेकर इतने दिनों से उसकी प्रताड़ना सहती आ रही थी. फिर भी अजय पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा. बाद में उसने नीलम को खर्च देने से साफ मना कर दिया. अंतत: नीलम ने पूर्णिया कोर्ट में अजय के विरुद्ध परिवाद दायर किया.
ग्रामीणों को हर वक्त दिखाता था पुलिसिया रौब
ग्रामीणों के अनुसार, अजय रजक पुलिस का रौब झाड़ते हुए बात-बात पर ग्रामीणों को धमकाता रहता था. छोटी सी बात पर भी अजय किसी को भी पीट देता था. ग्रामीण जब भी अजय के विरुद्ध आवाज उठाते, पुलिस पुलिस विभाग में रहने के कारण उनकी आवाज दबा दी जाती थी. इस कारण ग्रामीण भी अंदर ही अंदर सुलग रहे थे. ग्रामीण उसे अक्सर नीलम की पिटाई करते देखते थे, लेकिन जब उसने नीलम की हत्या कर दी, तो ग्रामीणों के सब्र का भी बांध टूट गया.
फंदे से लटका कर हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की
नीलम ने पूर्णिया कोर्ट में अपने पति पर दहेज प्रताड़ना के साथ भरण-पोषण को लेकर परिवाद दायर किया था. उक्त परिवाद के आलोक में कोर्ट ने अजय को प्रति माह नीलम को 12 हजार रुपये भरण-पोषण के लिए देने का आदेश दिया था.
न्यायालय के आदेश पर तीन माह से अजय के एकाउंट से हर माह 12-12 हजार रुपये नीलम के एकाउंट में जा रहे थे. इस कारण अजय भीतर ही भीतर सुलग रहा था. अंतत: अजय ने गुरुवार की रात नीलम को पहले जम कर पीटा, फिर उसे फांसी पर लटका दिया, ताकि पुलिस को भ्रमित कर सके कि उसने आत्महत्या की है. इधर, जब घटना की जानकारी ग्रामीणों को हुई, तो उनका गुस्सा फट पड़ा, क्योंकि मनबढ़ किस्म के अजय की दबंगई वे भी बहुत दिनों से सहते आ रहे थे.
हत्यारोपित सिपाही हुआ लाइन हाजिर
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी ने बीएमपी जवान अजय रजक को निलंबित कर दिया है. इधर, ग्रामीणों ने हत्यारोपित जवान को बर्खास्त करने के साथ ही मामले में स्पीडी ट्रायल चलाने की मांग कर रहे हैं.
