एक छोटे से कमरे में 20 लड़कियां रात भर ठीक से सो भी नहीं पायीं
कटिहार : भले ही राज्य स्तरीय अंतर जिला कबड्डी टूर्नामेंट की मेजबानी को लेकर जिला प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा हो, लेकिन विभिन्न जिलों से आये खिलाड़ियों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. कई जिले के खिलाड़ियों को तो बगैर सोये ही रात गुजारनी पड़ी. प्रभात खबर की टीम ने गुरुवार […]
कटिहार : भले ही राज्य स्तरीय अंतर जिला कबड्डी टूर्नामेंट की मेजबानी को लेकर जिला प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा हो, लेकिन विभिन्न जिलों से आये खिलाड़ियों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. कई जिले के खिलाड़ियों को तो बगैर सोये ही रात गुजारनी पड़ी. प्रभात खबर की टीम ने गुरुवार को खिलाड़ियों के विभिन्न आवासन स्थल का जायजा लिया. शहर के आनंद भवन में विभिन्न जिलों की बालिका खिलाड़ियों को ठहराया गया है.
यहां की लड़कियों को सोने में काफी परेशानी हो रही है. करीब 100 स्क्वायर फीट वाले कमरे में 20 लड़कियों के सोने की व्यवस्था की गयी है. इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभिन्न जिलों से आयी लड़कियां किस तरह रात में सो रही होंगी. प्रभात खबर की टीम के पहुंचने के बाद आनंद भवन में मुजफ्फरपुर एवं बेगूसराय जिले की लड़कियों ने घेर लिया. बताया कि आधी लड़कियां तो रात भर जाग कर ही बितायी हैं. कुछ लड़कियां तो कुर्सी पर ही सो गयीं.
इतने छोटे रूम में 20-20 लड़कियां कैसे सोयेंगी. यह समझ से बाहर है. इतनी भीषण गर्मी. उसके बाद छोटा कमरा. किसी तरह रात गुजरी है. आनंद भवन में ही करीब 300 लड़कियों के खाने की व्यवस्था की गयी है. इतने छोटे जगह में खाने की व्यवस्था होने से अफरातफरी का माहौल रहता है. गंदगी भी फैली है. नीचे बिछाने के लिए दरी व चादर दिया गया है. उसी में किसी तरह बैठ कर समय काट रहे हैं.
धरी की धरी रह गयी सारी तैयारी
राज्य स्तरीय इस टूर्नामेंट को लेकर जिला प्रशासन के स्तर से कई बार बैठकें हुईं. तैयारी की समीक्षा भी की गयी. पर, जब खिलाड़ियों को ठहराने की व्यवस्था की गयी, उसके बाद ही उसकी पोल खुल गयी. अधिकांश आवासन स्थल पर कुव्यवस्था का आलम है. मार्गदर्शिका के आलोक में जो व्यवस्था करनी चाहिए, प्रशासन ने नहीं किया. भले ही प्रशासन बेहतर टूर्नामेंट के आयोजन से अपनी पीठ थपथपा ले, पर खिलाड़ियों के भीतर टीस बरकरार है कि उन्हें रहने एवं भोजन की व्यवस्था उपयुक्त नहीं मिली.
50 से अधिक खिलाड़ियों को नहीं मिला नाश्ता
लड़कियों को खाने-पीने की व्यवस्था भी ठीक नहीं है. उमा देवी मिश्रा बालिका विद्यालय में रहने वाली खिलाड़ियों ने बताया कि गुरुवार की सुबह में नाश्ता ही समाप्त हो गया. करीब 50 लड़कियों ने नाश्ता नहीं किया. कुछ लड़कियों से कूपन ले लिया गया और उन्हें नाश्ता के नाम पर दो केला पकड़ा दिया गया. राजकीयकृत विद्यालय में रहने वाले लड़कों ने भी अपनी व्यथा सुनायी. कमोबेश यही स्थिति हर आवासन स्थल की है. जिला प्रशासन की ओर से किये गये व्यवस्था की पोल खुल गयी है. महेश्वरी अकादमी में पश्चिम चंपारण सहित कई जिले के लड़कों को रखा गया है. कई लड़कों ने बताया कि मच्छर रात में काफी परेशान किये. पंखा होने से कोई फायदा भी नहीं मिला. किसी तरह बुधवार की रात हम लोगों ने बितायी है. जिला प्रशासन ने टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर बड़े बड़े दावे किये थे. पर, आवासन एवं भोजन में कुव्यवस्था से प्रशासन के दावे की पोल खुल गयी है.