Kaimur News : विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर गुरुवार को सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल, महेसआ में विद्यार्थियों के लिए विशेष जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और जीवन के प्रति आशावादी दृष्टिकोण विकसित करना रहा. कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्रधानाचार्य चंदन शर्मा ने किया. संचालन मनोविज्ञान शिक्षक डॉ. राकेश कुमार सिंह ने किया, जबकि हिंदी शिक्षक राम प्यारे यादव ने कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की.
कठिन परिस्थितियों में संवाद और सहयोग को बताया जरूरी
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर रश्मि सिंह तथा गेस्ट वक्ता मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गोरखपुर की कंसल्टेंट साइकोलॉजिस्ट डॉ. आकृति पांडेय रहीं. दोनों वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक चुनौतियों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जागरूक किया.
प्रोफेसर रश्मि सिंह ने कठिन भावनात्मक परिस्थितियों में संवाद, सहयोग, समय पर सहायता प्राप्त करने और सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियां स्थायी नहीं होतीं. समस्याओं के समाधान के लिए परिवार, शिक्षक, मित्र और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सहायता लेना महत्वपूर्ण है.
भावनाओं को समझने और व्यक्त करने पर दिया जोर
डॉ. आकृति पांडेय ने आत्म-संयम और भावनात्मक तनाव को समझने, अपनी भावनाओं को व्यक्त करने तथा जरूरत पड़ने पर किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बातचीत करने की आवश्यकता पर विचार रखे. उन्होंने विद्यार्थियों को एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील, सहयोगी और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया.
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मानसिक स्वास्थ्य को बताया सर्वांगीण विकास का आधार
प्रधानाचार्य चंदन शर्मा ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सर्वांगीण विकास में मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सुरक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने विद्यालय में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने तथा विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और जागरूकता विकसित करने पर जोर दिया.
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शिक्षकों और समन्वयकों का रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ शिक्षक किरण कुमार मेहता एवं रंजू कुमारी का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ. कार्यक्रम के समन्वयक मिस विपुल कुमारी, आशीष कुमार मिश्रा, अमरपाल सिंह एवं विवेकानंद शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस अवसर पर रीता तिवारी, विनोद कुमार यादव, अमित शुक्ला, दीपली कुमार, राजेश कुमार सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे.
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