सांप काटने के बाद झाड़-फूंक के चक्कर में महिला व बच्चे की गयी जान

चैनपुर व अधौरा थाना क्षेत्र का मामला, सदर अस्पताल में शवों का कराया गया पोस्टमार्टम

= चैनपुर व अधौरा थाना क्षेत्र का मामला, सदर अस्पताल में शवों का कराया गया पोस्टमार्टम जागरूकता कार्यक्रम के बाद लोग अंधविश्वास के चक्कर में अपने परिजनों को खो रहे भभुआ सदर. जिले में जहरीले सांप के काटने के बाद त्वरित इलाज की जगह झाड़-फूंक कराने के चक्कर में एक 65 वर्षीय वृद्ध महिला और एक 12 वर्षीय बच्चे की जान चली गयी. सर्पदंश का शिकार हुई मृतक महिला अधौरा थानाक्षेत्र के दहार गांव की रहने वाली 65 वर्षीय फूलवंती कुवर पति स्व छोटेलाल साह बतायी जाती है. जबकि, मृत किशोर चैनपुर थाना क्षेत्र के कोइन्दी गांव निवासी रामपति राम का बेटा 12 वर्षीय प्रियांशु कुमार बताया जाता है. सोमवार को दोनों शवों का संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस ने पंचनामा करते हुए सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया गया है. मृत महिला के संबंध में परिजनों ने बताया कि वह रविवार सुबह 11 बजे गांव से दूर धान के खेत की रखवाली कर रही थी. इसी दौरान उसे किसी जहरीले सांप ने काट लिया. सांप काटने के बाद महिला ने इसकी सूचना परिजनों को दी. परिजन महिला को तत्काल इलाज की जगह झाड़-फूंक के लिए उत्तर प्रदेश स्थित एक गांव ले गये, लेकिन झाड़-फूंक के बावजूद महिला के तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन महिला को सोमवार सुबह इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर आये, जहां महिला ने दम तोड़ दिया. उधर, चैनपुर थाना क्षेत्र के कोइन्दी गांव में किशोर रविवार को बकरी चराने के लिए जंगल की ओर गया था, जहां बकरी चराने में उसे किसी जहरीले सांप ने काट लिया. इस दौरान किशोर ने साथ बकरी चरा रही एक महिला को बताया कि उसे किसी जीव ने काट लिया है और पैर में दर्द हो रहा है. किशोर शाम पांच बजे जब बकरी लेकर घर पहुंचा तो वह घर पहुंचते ही अचेत होकर गिर पड़ा. इसके बाद बच्चे को होश में लाकर पूछा गया, तो उसने परिजनों को बताया कि उसे सांप ने काट लिया है. इसके बाद परिजन बच्चे को इलाज कराने की जगह झाड़-फूंक के लिए बगल के गांव लेकर गये, लेकिन बच्चे की तबीयत सुधरने की जगह बिगड़ने लगी तो परिजन आनन फानन में एक निजी डॉक्टर के पास ले गये, लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी. निजी अस्पताल के डॉक्टर द्वारा जांच के बाद मृत घोषित किये जाने से परिजन रात आठ बजे पुनः बच्चे को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, लेकिन अस्पताल में भी डॉक्टर ने जांच करने के बाद मृत घोषित कर दिया. मृत घोषित किये जाने के बाद सूचना पर पहुंची चैनपुर थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. गौरतलब है कि इस साल सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक कराने के चलते एक दर्जन से अधिक पुरुष, महिला और बच्चों की जान जा चुकी है, लेकिन तमाम प्रयास और जागरूकता के बावजूद लोग अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर अपने परिजनों को खो दे रहे हैं.

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Author: VIKASH KUMAR

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