कटाई के समय बरसी आफत, खलिहानों में भीगी कटी फसल पक कर तैयार बालियां जमीन पर लोटीं, किसानों के चेहरे पर छायी मायूसी रामपुर. शुक्रवार की रात आंधी के साथ बारिश शुरू होते ही प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के किसानों व मजदूरों के चेहरे पर मायूसी छा गयी. मटर, चना, मसूर सहित सरसों और तीसी की फसल पक कर तैयार है. कहीं फसल काटकर दवनी के लिए खलिहान में पसारी गयी थी, जिसके भीग जाने से भारी नुकसान की संभावना बन गयी है. फसलें कहीं खेतों में तो कहीं खलिहानों में पड़ी थीं, लेकिन किसानों को उन्हें समेटने तक का मौका नहीं मिला. खलिहानों में दलहन व तेलहन फसल को सुखाने के लिए रखा गया था, ताकि धूप व हवा लगने के बाद थ्रेसरिंग की जा सके. समय पर मजदूर नहीं मिलने के कारण पूरी फसल भीग गयी, जो अब किसानों के लिए चिंता का बड़ा विषय बन गया है. प्रखंड क्षेत्र के अधिकतर गांवों में गेहूं की खेती की जाती है जो अब पक कर तैयार है. पसाई गांव के किसान मोहन सिंह, अभय सिंह व गहन सिंह आदि ने बताया कि उनके पंचायत क्षेत्र में गेहूं की खेती अधिक होती है और इस बारिश से काफी नुकसान हुआ है. वहीं भोरेया गांव के किसान मुन्ना तिवारी व खजुरा, तराव व खरेंदा गांव के अन्य किसानों ने बताया कि पहाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में दलहन व तेलहन की काफी खेती होती है. फसल काटकर खलिहान में रखी गयी थी, जो बारिश में पूरी तरह भीग गयी है. किसान अपने कलेजे पर पत्थर रखकर मौसम के बदलते मिजाज को देख रहे हैं. उन्हें डर है कि साल भर की मेहनत हाथ से निकल जायेगी. शुक्रवार रात्रि दस बजे शुरू हुई लगभग एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने खेतों और खलिहानों में तबाही मचा दी है. बातचीत के दौरान किसानों व मजदूरों के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी. लोग बार-बार आसमान की ओर निगाहें टिकाकर बारिश रुकने का इंतजार करते देखे गये.
बेमौसम बारिश व आंधी ने तोड़ी किसानों की कमर, फसलों को भारी नुकसान
शुक्रवार की रात आंधी के साथ बारिश शुरू होते ही प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के किसानों व मजदूरों के चेहरे पर मायूसी छा गयी
