भभुआ सदर. पिछले दो दिनों से नगर पर्षद के सफाईकर्मी वेतन बढ़ाने को लेकर बगैर किसी सूचना के हड़ताल पर है. इसके चलते सोमवार की तरह ही मंगलवार को भी शहर की साफ-सफाई व्यवस्था लगभग ठप रही. सफाईकर्मियों ने मंगलवार को झाड़ू और फावड़ा को छुआ तक नहीं. हालांकि बगैर सूचना के दो दिन से गायब सफाईकर्मी वेतन आदि बढ़ाने की मांग कर रहे है. इधर मंगलवार को भी शहर में सफाई नहीं होने के चलते मुख्य सड़क सहित शहर के सभी गली मोहल्ले नरक में तब्दील रहा. जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहें तो सड़कों और गलियों में भी तेज पछुआ हवा से कचरा व धूल उड़ते रही. सफाईकर्मियों के काम ठप कर देने से तो एकता चौक पर नाला ओवरफ्लो करने लगा, जिसके चलते नाले का पानी मुख्य सड़क पर आ गया. दो दिन से शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर गायब सफाईकर्मियों के संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि सफाईकर्मी बगैर जानकारी दिये काम ठप किये हुए हैं, इसकी जानकारी मिली है. सफाईकर्मियों से काम पर लौटने को कहा जा रहा है. इधर, वेतन 18 हजार महीने किये जाने को लेकर काम ठप किये सफाईकर्मियों का कहना था कि जबतक उन्हें नगर प्रशासन से वेतन बढ़ाने का आश्वासन नहीं दिया जायेगा, तब तक वह लोग काम पर नहीं लौटेंगे. इनसेट सफाईकर्मियों की हड़ताल से बदरंग हुआ शहर भभुआ सदर. सोमवार से सफाईकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से शहर की सफाई व्यवस्था दो दिन में ही चरमराने लगी है. जगह-जगह कूड़े का इकट्ठा ढेर और गंदगी शहर में सफाईकर्मियों के हड़ताल को बयां कर रही है और सफाईकर्मियों की हड़ताल से शहर की स्थिति नारकीय बनने लगी है. हालांकि, नगर पर्षद के 90 से अधिक दैनिक सफाईकर्मियों के हड़ताल पर रहने के बावजूद नगर पर्षद के स्वच्छता निरीक्षक संजीव राज झिलमिल द्वारा शहर के मुख्य मार्गों व सड़कों की सफाई स्थायी व कुछ निजी कर्मियों सहित डोर टू डोर का कार्य कर रहे एजेंसी से कराया जा रहा है. लेकिन, शहर में गंदगी और उससे उठती दुर्गंध सफाईकर्मियों के हड़ताल पर रहने की कहानी बयां कर रही है. शहर के कुछ लोगों का कहना था कि अगर सफाईकर्मियों की हड़ताल आगे भी जारी रहती है, तो शहर में सफाई की व्यवस्था एकबारगी और चरमरा सकती है और विकट स्थिति आ सकती है.
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