कूड़े के ढेर पर बनाया जा रहा नौनिहालों का भविष्य, शिक्षक भी परेशान

= शिक्षकों का आरोप : शिकायत के बाद भी नगर पर्षद नहीं दे रहा ध्यान

भभुआ सदर. एक तरफ जहां राज्य सरकार शिक्षा में सुधार को लेकर हर तरह की व्यवस्था करने में लगी हुई है, तो दूसरी तरफ भभुआ शहर में स्थित दो विद्यालय ऐसे हैं, जहां नौनिहालों का भविष्य कूड़े-कचरे के ढेर पर संवारा जा रहा है. शहर के वार्ड संख्या 23 में प्राथमिक विद्यालय और बगल के वार्ड संख्या 22 में उर्दू प्राइमरी स्कूल है. लेकिन, नगर पर्षद की उदासीनता की वजह से कई सालों से दोनों स्कूलों के आसपास ही बेतरह तरीके से गंदगी पसरी पड़ी है. इस कारण विद्यार्थियों को पढ़ने में काफी परेशानी पेश आ रही है. हर समय बदबू फैली रहने के कारण दोनों विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को अंदर अपनी कक्षाओं में बैठा रहना भी दूभर हो गया है. वार्ड संख्या 23 स्थित प्राथमिक विद्यालय की एक शिक्षिका ने बताया कि विद्यालय के द्वारा नगर पर्षद में आवेदन देकर बार बार शिकायत करने के बाद भी यहां से नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है. शिकायत करते करते शिक्षक थक चुके है लेकिन नगर पर्षद कूड़ा हटाने को लेकर सचेत नही हो रहा है. इसके साथ ही शिक्षकों के मना करने के बावजूद आस पास के घरों के द्वारा भी विद्यालय के बगल में ही कूड़ा लगातार फेंका जा रहा है. शिक्षिका का कहना था कि जब तक विद्यालय खुला रहता है, तब तक लोगों को कूड़ा फेंकने से मना किया जाता है, लेकिन विद्यालय बंद कर जाने के बाद लोग पुनः उसी स्थान पर कूड़ा फेंक दे रहे है. = नौनिहालों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर शहर के वार्ड संख्या 23 के प्राथमिक विद्यालय और वार्ड संख्या 22 स्थित उर्दू प्राइमरी स्कूल में एक से पांच तक के लगभग दो सौ छात्र छात्राएं पढ़ते हैं, लेकिन दोनों विद्यालय के आसपास फैले कूड़े कचरे और इस गंदगी से निकलने वाली तेज बदबू के कारण स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है, जिससे बीमारी फैलने का भी अंदेशा बना रहता है. शिक्षकों का कहना था कि लोगों को दोनों विद्यालय के आसपास कूड़ा फेंकने से रोकने की कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि स्कूल में आने वाले बच्चों को इसकी वजह से फैलने वाली बीमारियों से बचाया जा सके. आखिर उसी विद्यालय में उनके भी बच्चे तो पढ़ रहे जो विद्यालय के आसपास कूड़ा फेंक रहे है. = मना करने के बावजूद कूड़ा फेंक देते हैं लोग मुहल्ले के रहनेवाले लोगों का कहना था कि विद्यालय के आसपास कूड़ा कचरा फेंकने से कई बार लोगों को मना किया गया. लेकिन, मना करने के बाद भी लोग कूड़ा फेंक रहे है. नगर पर्षद को भी इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन उनके अधिकारियों या जनप्रतिनिधियों द्वारा भी ध्यान नही दिया जा रहा है. = समस्या का कराया जायेगा समाधान प्राथमिक और उर्दू विद्यालय के समीप फेंके जा रहे कूड़े पर नप ईओ संजय उपाध्याय का कहना था कि समस्या के समाधान का हर संभव प्रयास किया जायेगा, कूड़ा फेंकने के लिये डस्टबिन भी रखे जायेंगे. सफाई कर्मियों को भी प्रतिदिन कूड़ा उठाव का निर्देश दिया जा रहा है.

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By PANCHDEV KUMAR

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