अनुमंडलीय अस्पताल में बिना अनुमति के ही कटा शीशम का हरा-भरा पेड़

ट्रॉमा सेंटर निर्माण स्थल के पास वर्षों पुराने पेड़ पर चली कुल्हाड़ी

ट्रॉमा सेंटर निर्माण स्थल के पास वर्षों पुराने पेड़ पर चली कुल्हाड़ी उपाधीक्षक की अनुपस्थिति में किसने दिया आदेश? सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने पर उठे सवाल कटाई के बाद लकड़ियां भी गायब, वन विभाग से नहीं ली गयी अनुमति मोहनिया शहर. स्थानीय अनुमंडलीय अस्पताल अपने कारनामे से हमेशा सुर्खियों में रहता है. वह चाहे मरीज के इलाज की बात हो या अस्पताल के कर्मियों द्वारा अवैध वसूली की. खैर अब अस्पताल में एक नया मामला अस्पताल परिसर में वर्षों पुराने शीशम का एक हरा-भरा पेड़ बिना अनुमति के काटने का सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है. ऐसे में बिना परमिशन के पेड़ की कटाई तो करायी ही गयी, लेकिन पेड़ काटने वाले व्यक्ति को पेड़ भी दे दिया गया, जो जांच का विषय है. जानकारी के अनुसार, अस्पताल के पिछले हिस्से में ट्राॅमा सेंटर भवन का निर्माण कार्य चल रहा है. इसी स्थल के समीप कई वर्ष पुराना शीशम का एक पेड़ लगा था. इसी पेड़ को बुधवार को बिना वन विभाग के अनुमति के ही कटवा दिया गया. जबकि, घटना के दिन अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ विजय कुमार अवकाश पर थे. ऐसे में यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर किसके निर्देश पर पेड़ की कटाई करा दी गयी. खास बात यह भी सामने आया है कि पेड़ की लकड़ी को बिना किसी का परमिशन लिए ही पेड़ काटने वाले व्यक्ति को ही दे दिया गया. इधर, मामला जब वन विभाग तक पहुंचा, तो बिहार वन विभाग के अंतर्गत आने वाले मोहनिया रेंजर ने जांच करने की बात कही है. गौरतलब है कि अस्पताल के उपाधीक्षक पिछले दो सप्ताह से छुट्टी पर थे, लेकिन अब गंभीर सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब सरकारी संस्थान में ही नियमों की अवहेलना की जायेगी, तो आम जनता क्या करेंगी. खैर मामला गंभीर है, जिसकी वरीय अधिकारी से जांच कराने की जरूरत है. # हरे पेड़ की कटाई में अनुमति लेना अनिवार्य बिहार वन विभाग के नियमों के अनुसार, किसी भी हरे पेड़ की कटाई के लिए वन विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है. विशेषकर सरकारी भूमि या संस्थान परिसर में स्थित पेड़ को काटने से पहले वन विभाग की स्वीकृति आवश्यक होती है. वन संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत बिना अनुमति हरा पेड़ काटना दंडनीय अपराध भी है. # क्या कहते हैं अस्पताल प्रबंधक इस संबंध में पूछे जाने पर अस्पताल प्रबंधक विशाल पासवान ने बताया ट्राॅमा सेंटर का निर्माण हो रहा है, जिसके पिछले हिस्से में पेड़ था, जिसे कटवा दिया गया है. इसका किसी तरह का परमिशन नहीं लिया गया था. जहां तक पेड़ की लकड़ी का बात है तो जिस व्यक्ति से कटवाया गया, लकड़ी उसे ही दे दिया गया है और कहा गया है कि इसके बदले अस्पताल में फर्नीचर दे देंगे. # क्या कहते हैं रेंजर इस संबंध में पूछे जाने पर मोहनिया रेंजर संतोष कुमार ने बताया इसकी जानकारी हमें नहीं है. मामला संज्ञान में आया है, तो जांच की जायेगी.

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Author: VIKASH KUMAR

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