मुंबई में 314 करोड़ से बनने वाला बिहार भवन का फैसला गलत, बिहार में कैंसर से मर रहे लोग

मुंबई में 314 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बिहार भवन के फैसले को बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने बेहद चौंकाने वाला व हास्यास्पद बताया है

बिहार में कैंसर अस्पताल चाहिए, कंक्रीट की इमारतें नहीं : सुधाकर रामगढ़. मुंबई में 314 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बिहार भवन के फैसले को बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने बेहद चौंकाने वाला व हास्यास्पद बताया है. सांसद ने कहा कि जब बिहार में लोग कैंसर से मर रहे हैं, तब सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर मुंबई में भवन बना रही है. बिहार की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि आज भी राज्य में एक भी कैंसर अस्पताल नहीं है. उन्होंने कहा कि बिहार से प्रत्येक माह सैकड़ों मरीज इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई व चेन्नई जाने को मजबूर हैं. हजारों रुपये खर्च कर इलाज के लिए बाहर जाना उनकी मजबूरी बन गयी है. 314 करोड़ कोई मामूली राशि नहीं है. यदि इसी राशि से बिहार में एक सुपर स्पेशलिटी कैंसर अस्पताल की नींव रखी जाती, तो बिहार के लोगों को ट्रेन में धक्के खाकर दूसरे प्रदेशों में इलाज के लिए नहीं जाना पड़ता, न ही इलाज के अभाव में लोगों की जान जाती. सांसद ने सरकार के तर्क पर भी सवाल उठाया कि मुंबई का बिहार भवन बाहर से इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि यह सुविधा आम मरीजों के लिए नहीं, बल्कि अधिकारियों, नेताओं व विशेष वर्ग के लिए होगी. एक गरीब कैंसर मरीज पहले ही दवा, जांच व ऑपरेशन के खर्च से टूट चुका होता है. उसके लिए मुंबई में इलाज कराना असंभव होता है. उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार यह स्पष्ट करे कि भवन बनाकर किस मरीज की मदद की जा रही है. सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार यह मान चुकी है कि बिहार में बेहतर इलाज उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता नहीं है, इसलिए वह मरीजों को बाहर भेजने की व्यवस्था कर रही है. यह नीति न केवल अमानवीय है, बल्कि बिहार के स्वास्थ्य तंत्र की असफलता की खुली स्वीकारोक्ति भी है. उन्होंने कहा कि बिहार को मुंबई में भवन नहीं, बल्कि बिहार में कैंसर अस्पताल चाहिए. कंक्रीट की इमारतें नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने की व्यवस्था जरूरी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: VIKASH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >