kaimur News : यह कैसा कॉलेज! कलम के बजाय चल रहीं गोलियां

कभी बेहतर शिक्षा के लिए जिले भर में चर्चित था महाराणा प्रताप कॉलेज

भभुआ कार्यालय. यह कैसा कॉलेज है, जहां पर कलम चलाने जाने की बजाय वर्चस्व व भ्रष्टाचार के लिए आये दिन गोली-बंदूक चल रही हैं. बड़ी बात यह है कि दिन प्रतिदिन मोहनिया के चर्चित महाराणा प्रताप कॉलेज की स्थिति बिगड़ती जा रही है और विश्वविद्यालय हो या स्थानीय प्रशासन सभी मूकदर्शक बने हुए हैं. जिले के विधायक से लेकर मंत्री, पूर्व मंत्री, सांसद, एमएलसी सभी लोग इससे जुड़े हुए हैं, लेकिन इसकी स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती ही जा रही है. अभी स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि लोग एक दूसरे के जान के दुश्मन बन गये हैं. अभी से पहले तक भ्रष्टाचार और धमकी को लेकर मुकदमेबाजी हो रही थी, लेकिन अब विवाद इतना बढ़ गया है कि महाराणा प्रताप के विकास के नाम पर गोलियां तक चलायी जा रही हैं. हाइकोर्ट से लेकर स्थानीय मोहनिया थाने तक में मोहनिया महाराणा प्रताप कॉलेज में भ्रष्टाचार, अवैध तरीके से कुर्सी पर विराजमान होने की धमकी देने, हत्या का प्रयास करने जैसे मुकदमे चल रहे हैं. कॉलेज में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने पर चर्चा करने के बजाय पूरे दिन चल रहे विवाद पर ही चर्चा हो रही है. सभी लोगों में डर का माहौल है. पठन-पाठन की बात तक नहीं हो रही है. कॉलेज कई गुटों में बंटा हुआ है और विवाद चरम पर चल रहा है, कॉलेज का पठन-पाठन दिन प्रतिदिन चौपट होता जा रहा है और इस पर विद्यालय हो या स्थानीय प्रशासन कोई गंभीरता से इस विषय पर ध्यान नहीं दे रहा है. अपने स्वार्थ व वर्चस्व की लड़ाई में कॉलेज से जुड़े लोग इस कदर अंधे हो गये हैं कि जिस उद्देश्य के लिए महाराणा प्रताप कॉलेज की नींव रखी गयी थी. उस उद्देश्य से भटक कर आज महाराणा प्रताप कॉलेज किसी जंग का मैदान बन गया है, जो किसी को भी दिखाई नहीं दे रहा है. = कभी बेहतर शिक्षा और अनुशासन के लिए चर्चित था महाराणा प्रताप कॉलेज मोहनिया में कोई भी सरकारी डिग्री कॉलेज मौजूद नहीं है, मोहनिया के आसपास के लोगों को बेहतर शिक्षा मिल सके, इसके लिए स्थानीय लोगों ने अपनी जमीनें दान देकर मोहनिया महाराणा प्रताप कॉलेज को खुलवाया था. जिस समय कॉलेज खुला वह पूरी ईमानदारी से अपने उद्देश्यों को पूरा कर रहा था. महाराणा प्रताप कॉलेज में छात्रों का अनुशासन, शिक्षकों का समर्पण, बेहतर शिक्षा व्यवस्था पूरे जिले में चर्चा का विषय था. लोगों के सहयोग से खुला यह कॉलेज बेहतर शिक्षा में पूरे वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में अपनी अलग पहचान रखता था. रेगुलर क्लास एवं बेहतर शिक्षा के कारण भभुआ दुर्गावती एवं कुदरा के छात्र भी अपने प्रखंड में कॉलेज होने के बावजूद वहां पर अपना नामांकन कराते थे. कॉलेज के छात्र जब एक साथ छुट्टी के वक्त जब एक यूनिफार्म में निकलते थे, तो महाराणा प्रताप कॉलेज की नींव रखने और उसे बनवाने में सहयोग देने वाले लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता था. लेकिन, आज कॉलेज की बिगड़ चुकी स्थिति, जहां एक तरफ छात्रों का भविष्य चौपट कर रही है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा का पवित्र केंद्र प्रबंधन के गलत रवैये एवं वर्चस्व की लड़ाई के कारण आपराधिक गतिविधि एवं षड्यंत्र का स्थल बनकर रह गया है. महाराणा प्रताप के वर्तमान स्थिति शिक्षण संस्थान को कर रही है शर्मसार महाराणा प्रताप कॉलेज की वर्तमान स्थिति एक शिक्षण संस्थान को शर्मसार कर रही है. कॉलेज के शिक्षक हो या प्रबंधन से जुड़े लोगों से ऐसी उम्मीद कभी भी नहीं की जा सकती है. जिस तरह की गतिविधि कॉलेज में चल रही है, वह किसी भी शिक्षण संस्थान के लिए शर्मसार कर देने वाली बात है. महाराणा प्रताप कॉलेज को बचाने के लिए कई संगठन और समितियां आज के समय में चल रही है. लेकिन, इन सब के बावजूद स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ते ही जा रही है. कॉलेज में आने वाले छात्रों की उपस्थिति में लगातार गिरावट आ रही है. शिक्षकों का ध्यान भी पठन-पाठन के बजाय कॉलेज की गुटबंदी एवं उठा पाठक पर ज्यादा लगा हुआ है. जिस तरह से जिले के एक बेहतर शिक्षण संस्थान के रूप में पूरे वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में पहचान बनाने वाले महाराणा प्रताप कॉलेज की पिछले कुछ वर्षों में बद से बदतर हो गयी है, उसे देखकर यही कहा जा सकता है कि महाराणा प्रताप कॉलेज को बचाने के लिए विश्वविद्यालय और स्थानीय प्रशासन को इस पर गंभीरता से काम करना होगा, तभी जिले के एक बेहतर शिक्षण संस्थान को बचाया जा सकता है.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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