कैमूर: शनिवार को हाफ डे के फैसले का शिक्षकों ने किया स्वागत, सरकार को दी बधाई

बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ डे (अर्द्धदिवसीय) संचालन का आदेश जारी किया है. कैमूर जिले के शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय का जोरदार स्वागत किया है और सरकार को बधाई दी है. यह फैसला शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा.

Kaimur News: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी विद्यालयों में शनिवार को हाफ डे (अर्द्धदिवसीय) संचालन का आदेश जारी किए जाने के बाद कैमूर जिले के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए सरकार को बधाई दी है. शिक्षक नेताओं का कहना है कि लंबे समय से इस व्यवस्था की मांग की जा रही थी. सरकार के इस फैसले से न केवल शिक्षकों को राहत मिलेगी, बल्कि छात्रों के हित में भी यह निर्णय काफी उपयोगी साबित होगा. शिक्षक संघ के नेताओं अरुण तिवारी, पंकज सिंह, उपेंद्र पांडे, संजय सिंह, संजीत सागर, बलजीत सिंह सहित कई प्रतिनिधियों ने इसे शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.

शिक्षा विभाग ने जारी किया नया समय-सारणी आदेश

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब सोमवार से शुक्रवार तक सरकारी विद्यालयों का संचालन सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा. वहीं शनिवार को प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एवं अन्य गतिविधियां दोपहर 12 बजे तक संचालित की जाएंगी, जिसके बाद मध्याह्न भोजन कराकर 12:40 बजे छात्रों को अवकाश दे दिया जाएगा. माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार को दोपहर 1:00 बजे तक कक्षाएं संचालित होंगी. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शनिवार को कक्षाएं समाप्त होने के बाद शिक्षक अगले सप्ताह की पाठ योजना तैयार करेंगे, मूल्यांकन कार्य, कमजोर छात्रों के लिए रिमेडियल क्लास की योजना तथा अन्य शैक्षणिक अभिलेखों का संधारण करेंगे.

शिक्षकों और छात्रों दोनों को मिलेगा सीधा लाभ

शिक्षक नेताओं ने कहा कि नई व्यवस्था से विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां अधिक प्रभावी होंगी. शिक्षकों को प्रशासनिक एवं मूल्यांकन कार्यों के लिए अलग से समय मिलने से नियमित पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी. वहीं शनिवार को कम समय तक विद्यालय में रहने से छात्र भी मानसिक रूप से तरोताजा रहेंगे और उन्हें सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा. जिले के शिक्षकों ने सरकार के इस निर्णय को शिक्षा व्यवस्था के हित में एक व्यावहारिक और सराहनीय कदम बताया है.

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By Vikash kumar

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