Kaimur News : आचार संहिता का सख्ती से करें पालन : डीएम

मंगलवार को समाहरणालय स्थित मां मुंडेश्वरी सभागार में जिलाधिकारी सुनील कुमार की अध्यक्षता में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई

भभुआ नगर. विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद से ही जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गया है. मंगलवार को समाहरणालय स्थित मां मुंडेश्वरी सभागार में जिलाधिकारी सुनील कुमार की अध्यक्षता में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई. बैठक में जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिला अंतर्गत रामगढ़, मोहनिया, भभुआ व चैनपुर विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है और मतदान की तिथि का भी घोषणा कर दी गयी है. घोषणा के अनुसार, 13 अक्तूबर से प्रत्याशियों का नामांकन प्रारंभ है. वहीं, नाम निर्देशन पत्र दाखिल किये जाने की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर, नाम निर्देशन पत्र के संवीक्षा की तिथि 21 अक्तूबर निर्धारित की गयी है. प्रत्याशियों के नाम वापसी की तिथि 23 अक्तूबर, मतदान की तिथि 11 नवंबर व मतगणना की तिथि 14 नवंबर निर्धारित की गयी है. निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कर लिये जाने की तिथि 16 नवंबर है. सभी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि आदर्श आचार संहिता का पालन करना सुनिश्चित करें. डीएम ने सभी दलों से आदर्श आचार संहिता के सख्त अनुपालन करने का अपील करते हुए स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के कोई पोस्टर, बैनर, नारे नहीं लगाये जायेंगे. सभा, जुलूस, हेलिपैड आदि के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी. धार्मिक, भाषाई, जातीय भावनाओं को आहत करने वाली गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा. मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले सार्वजनिक सभा व प्रचार पर रोक रहेगी. बैठक में डीएम ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु सभी विधानसभा में सेक्टर पदाधिकारी की तैनाती की गयी है. आंकड़ों पर नजर डालें तो रामगढ़ में 37, मोहनिया में 33, भभुआ में 36 व चैनपुर विधानसभा क्षेत्र में 51 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है. = जातीय संप्रदाय की भावनाओं के आधार पर नहीं की जायेगी कोई अपील डीएम ने कहा कि आदर्श आचार संहिता से संबंधित मुख्य बातों का पालन करना राजनीतिक दल के प्रतिनिधि सुनिश्चित करेंगे. जातीय संप्रदाय की भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जायेगी. कोई भी राजनैतिक दल या प्रत्याशी अपने अनुयायियों को किसी भी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी भूमि, भवन, परिसर की दीवारों इत्यादि पर झंडा लगाने, बैनर लगाने, सूचना चिपकाने, नारा लिखने इत्यादि की अनुमति नहीं देगा. राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि उनके समर्थक अन्य दलों द्वारा आयोजित सभा और जुलूस में बाधा खड़ी नहीं करेंगे या उन्हें भंग नहीं करेंगे. दल या प्रत्याशी स्थानीय पुलिस प्राधिकारियों को किसी भी प्रस्तावित सभा के स्थान और समय के बारे में काफी पहले से सूचित करेंगे, ताकि पुलिस यातायात को नियंत्रित करने और शाति और व्यवस्था बनाये रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर सके. दल या प्रत्याशी अग्रिम रूप से सुनिश्चित करेंगे कि क्या सभा के लिए प्रस्तावित स्थल पर कोई रोक या निषेधाज्ञा लागू तो नहीं है और यदि ऐसे आदेश मौजूद है, तो उसका कड़ाई से पालन किया जायेगा. – लाउडस्पीकर या किसी अन्य सुविधा के लेनी होगी अनुमति डीएम ने कहा कि यदि किसी प्रस्तावित सभा के संबंध में लाउडस्पीकरों या किसी अन्य सुविधा के उपयोग के लिए अनुमति या अनुज्ञा प्राप्त करने की आवश्यकता है, तो दल या प्रत्याशी अग्रिम रूप से संबंधित प्राधिकरण के समक्ष आवेदन करेगा और यह अनुमति या अनुज्ञा प्राप्त करेगा. सभा के आयोजक, सभा में बाधा खड़ी करने वाले या अन्यथा अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों से निबटने के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस की निरपवाद रूप में सहायता प्राप्त करेंगे. स्वयं आयोजक ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करेंगे. मौके पर उप विकास आयुक्त, राजनीतिक दल के अध्यक्ष, सचिव, प्रतिनिधि व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहें.

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