भभुआ कोर्ट. एसीजेएम प्रथम सुशील कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने मोहनिया थाने में घुसकर सरकारी काम में बाधा डालने व जीटी रोड जाम करने को लेकर कुल 10 लोगों के विरुद्ध दर्ज हुई प्राथमिकी के मामले में बक्सर सांसद सुधाकर सिंह, प्रमोद सिंह उर्फ पप्पू, राजदेव प्रसाद, रामेश्वर सिंह, सुशील कुमार अग्रवाल, गीता पासी, कपिल मुनि गुप्ता का बयान दर्ज करते हुए उन्हें सफाई व साक्ष्य प्रस्तुत करने का मौका दिया. गौरतलब है कि विगत 23 जून 2009 की सुबह 11 बजे सुधाकर सिंह, प्रमोद सिंह उर्फ पप्पू, राज देव प्रसाद, रामेश्वर सिंह, सुशील कुमार अग्रवाल, गीता पासी, कपिल मुनि गुप्ता और विचारण के दौरान मृत हुए तेज प्रताप सिंह, जवाहर सिंह व निर्मल सिंह के विरुद्ध तत्कालीन पुलिस अवर निरीक्षक मोहनिया सियाराम प्रसाद गुप्ता ने मोहनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमे बताया था कि सभी मुदालह मोहनिया थाना परिसर में घुसकर अमर्यादित ढंग से अपशब्द बोलने लगे. सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाते हुए जीटी रोड मोहनिया को घंटों जाम कर आवागमन को बाधित रखे रहे. इससे यात्रियों को गर्मी में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा. अनुसंधानकर्ता द्वारा कुल 10 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र समर्पित किया गया था. विचारण के दौरान तेजप्रताप सिंह, जवाहर सिंह व निर्मल सिंह की मृत्यु हो जाने के कारण मंगलवार को न्यायालय द्वारा कुल सात लोगों का बयान दर्ज किया गया. वहीं, इस दौरान बचाव पक्ष के वकील गोपाल सिंह द्वारा बताया गया कि सभी लोग निर्दोष हैं. इन लोगों को एक राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है. इसमें हमें पूरा विश्वास है कि न्यायालय द्वारा न्याय अवश्य मिलेगा.
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