=10 दिनों से नलजल ठप पड़े अधौरा के गुदरी गांव की दर्जनों आदिवासी महिलाएं पहुंची जिला समाहरणालय =डीएम से लगायी फरियाद कहा-खाना बनाने व प्यास बुझाने के लिए दो किमी दूर नदी से लाना पड़ रहा पानी भभुआ सदर. पिछले 10 दिनों से नलजल के ठप पड़ने और पानी की हो रही जबर्दस्त दिक्कत को लेकर अधौरा थाना क्षेत्र की जमुनिनार पंचायत के गुदरी गांव की रहनेवाली दर्जनों आदिवासी महिलाएं शुक्रवार को डीएम से फरियाद लगाने भभुआ जिला समाहरणालय पहुंची. डीएम से फरियाद लगाने पहुंची जनजाति आदिवासी महिलाओं का कहना था कि,हमनी के गांव गुदरी में दो सौ घर के आबादी बा, लेकिन पिछले दस पंद्रह दिन से नल से जल नईखे आवत ए साहेब, जेकरा चलते गांव से दो किलोमीटर दूर तेल्हाड़ कुंड में बहे वाली चननवा नदी से पानी लावे के पड़त बा. नदी के पानी अईसन पियर अउरी गंदा आवता जेकरा के कुछ देर रखला के बाद पिये के पड़त बा. पेयजल ठप पड़ने की फरियाद लेकर छोटे-छोटे बच्चों के साथ लगभग 85 किलोमीटर दूर जिला समाहरणालय पहुंची महिलाओं का कहना था कि नदी के पानी पीने से गांव में लोग बीमार पड़ रहे है. गांव में पानी की बहुत किल्लत है और पानी लाने दो किलोमीटर आने जाने से भी लोग बीमार पड़ जा रहे है. समाहरणालय पहुंची गुदरी गांव की सीतामुनि देवी, अमरी देवी, इंदा देवी, माली देवी, रामाशीष चेरो, सत्येंद्र चेरो, मनोज चेरो, बुधु चेरो आदि का कहना था कि सात निश्चय योजना के तहत गांव में नलजल की टंकी लगी है लेकिन खराबी के चलते पिछले दस पंद्रह दिनों से पानी नहीं आ रहा है. पानी नहीं आने से गांव की महिलाओं को दो किलोमीटर दूर जाकर चननवा नदी से पानी लाना पड़ता है. नदी का पानी इतना गंदा रहता है कि उसे काफी देर रखने के बाद उसका उपयोग करना पड़ रहा है. इससे गांववालों को बीमार होने का खतरा है और लोग भयभीत है. कुछ लोग बीमार पड़ भी रहे है. पानी नहीं आने की शिकायत कई बार अधौरा जाकर पीएचइडी से की गयी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरन हम लोगों को डीएम साहेब से गुहार लगाने के लिए जिला समाहरणालय आना पड़ा. शुक्रवार को जिला समाहरणालय पहुंची आदिवासी महिलाओं को डीएम ने आश्वस्त किया कि तत्काल ही उनके गांव में नलजल की व्यवस्था दुरुस्त करा दी जायेगी. इसके लिए पीएचइडी से मैकेनिक सहित मरम्मत दल को गुदरी गांव भेजा जा रहा है.
नदी के गंदा पानी पियतनी जा ए साहेब, पेयजल के कउनो उपाय करी
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