फोटो 8 गोरिया नदी पर हवन पूजन करते श्रद्धालु 9 कलश यात्रा में शामिल महिला श्रद्धालु # हर हर महादेव के जयघोष से गूंजा कामाख्या धाम # कलशयात्रा में आकर्षण का केंद्र रहे घुड़सवार नुआंव. सोमवार की सुबह मां कामाख्या यज्ञ समिति के तत्वावधान में नौ दिवसीय श्री चंडी महायज्ञ का आगाज कलशयात्रा के साथ हुआ. कलशयात्रा में शामिल सैकड़ों श्रद्धालुओं के हर हर महादेव के जयघोष से कामाख्या धाम गुंजायमान हाे उठा. इस दौरान कलशयात्रा की मेजबानी कर रहे हाथी व घुड़सवार बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र बने रहे. श्रद्धालुओं द्वारा कामाख्या मंदिर यज्ञ स्थल से निकाली गयी कलशयात्रा सबसे पहले गांव के पुरानी कोट दुर्गा मंदिर होते नईकोट महावीर मंदिर प्रांगण पहुंची, जहां भक्तों द्वारा बजरंगबली के दर्शन-पूजन के बाद पुनः कामाख्या मंदिर होते जयघोष लगाते लगभग तीन किलोमीटर की पैदल यात्रा कर गोरिया नदी के तट पहुंचे. यहां नदी के तट पर पहुंचे श्रद्धालुओं सहित आचार्य कमलेश तिवारी व मदन जी द्वारा घंटों पूजा अर्चना के बाद नदी से जल लेकर यज्ञ स्थल के लिए चल पड़े. श्रद्धालु माथे पर कलश लिये हाथी-घोड़े, बैंड-बाजे के साथ यज्ञ स्थल पर पहुंचे. बताते चले नौ दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में सुबह सात बजे से दस बजे तक अशोक जी बिहारशरीफ द्वारा राम चरित नवाह परायण कथा, आठ बजे से 12 बजे तक आचार्य पंडित कमलेश त्रिपाठी (काशी) द्वारा श्री चंडी महायज्ञ पाठ व हवन पूजन, दस बजे से एक बजे तक वृंदावन से आये कलाकारों द्वारा रासलीला का मंचन, दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक संजय त्रिपाठी जी महाराज (काशी) द्वारा श्री राम कथा, शाम छह बजे से रात आठ बजे तक मां कामाख्या कीर्तन मंडली अवंती द्वारा संकीर्तन व रात आठ बजे से रासलीला का आयोजन किया जायेगा. समिति के सक्रिय सदस्य डॉ दिनेश उपाध्याय ने कहा यज्ञ में आये वृंदावन के कलाकारों द्वारा दिखायी जाने वाली रासलीला अद्भुत होगी. यज्ञ में आने वाले श्रद्धालुओं व साधु संतों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका समिति द्वारा विशेष ध्यान रखा गया है. कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ दिनेश उपाध्याय, संतोष सिंह, दिनेश, प्रेमशंकर, राकेश, सत्येंद्र, झेंगठ पाल, मनोज राम, डिप्टी कुशवाहा, रमेश, प्रमोद सिंह, मुटुन मुखिया, बबुआ जी की अहम भूमिका रही.
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