कैमूर : 11 साल में ही जर्जर हुआ दुर्गावती नदी पर बना पुल, कटाव से सड़क धंसने का बढ़ा खतरा

Kaimur News : कैमूर के रामपुर प्रखंड में दुर्गावती नदी पर बना पुल 11 साल में ही जर्जर हो गया है. तेज बहाव से हो रहे कटाव के कारण सड़क कभी भी धंस सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है. ग्रामीणों ने निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाया है.

Kaimur News : रामपुर प्रखंड क्षेत्र के तेंदुआ गांव के पास दुर्गावती नदी पर बने पुल की स्थिति इन दिनों बेहद जर्जर हो गई है. पुल के उत्तरी पाया के समीप नदी के तेज बहाव से बड़ा भंवर बन गया है, जिसके कारण सड़क के किनारे तेजी से मिट्टी का कटाव हो रहा है. सड़क के नीचे से मिट्टी कटने के कारण कभी भी सड़क धंस सकती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है.

पुल की ढलाई से सीमेंट उखड़ा, सरिया निकलने से बढ़ा खतरा

पुल की ढलाई का सीमेंट और प्लास्टर कई जगहों से उखड़ गया है. जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं और ढलाई में लगा सरिया साफ दिखाई दे रहा है. कई स्थानों पर सरिया नुकीला होकर बाहर निकल आया है, जो हादसे को आमंत्रण दे रहा है. दोपहिया वाहन चालकों के लिए पुल की यह स्थिति विशेष रूप से खतरनाक बनी हुई है.

योजना का शिला पट्ट

2014 में बना था पुल, 10-11 साल में ही जर्जर

समाजसेवी यमुना सिंह ने बताया कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के तहत इस पुल का निर्माण वर्ष 2014 में पूरा हुआ था. निर्माण के महज 10-11 साल बाद ही पुल जर्जर स्थिति में पहुंच गया है. उन्होंने बताया कि पुल के दक्षिणी तरफ पाया के समीप भी नदी के पानी के तेज बहाव से भंवर बन रहा है, जिससे सड़क के किनारे मिट्टी का कटाव तेजी से हो रहा है और सड़क के नीचे की मिट्टी निकलती जा रही है.

जर्जर पुल के बारे में जानकारी देते स्थानीय

निर्माण के समय ही ग्रामीणों ने जताई थी अनियमितता की आशंका

सीपीआईएमएल के प्रखंड सचिव रामपुर शनमुख पासवान, केदार राम, विमलेश पासवान, गंगाराम, मंगर राम, जय कुमार राम, शहाबुद्दीन अंसारी, जितेंद्र यादव, विश्वामित्र शर्मा, मोहन राम, राजू राम और भारत राम समेत दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि पुल निर्माण के समय ही उन्होंने निर्माण कार्य में अनियमितता और घटिया किस्म के सीमेंट के इस्तेमाल को लेकर आवाज उठाई थी. ग्रामीणों के अनुसार, उस समय संवेदक ने उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया.

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दोनों तरफ एप्रोच पथ भी धंस रहा

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी राशि के खर्च में अनियमितता के कारण आज आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. उनका कहना है कि पुल के दोनों तरफ बना एप्रोच पथ भी धीरे-धीरे धंस रहा है, जिससे खतरा और बढ़ गया है.

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जल्द मरम्मत और कटाव रोकने की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम से पुल की तत्काल मरम्मत कराने तथा नदी के कटाव को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो पुल और सड़क को नुकसान पहुंच सकता है तथा किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहेगी.

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By राजू कुमार

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