Workers Pickup Overturned in Kaimur : कैमूर जिले के चांद प्रखंड में शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया. चांद-धरौली मार्ग पर एनएच 219 के पास मजदूरों को लेकर जा रही एक पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई. इस हादसे में करीब 20 महिला और पुरुष मजदूर घायल हो गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भभुआ रेफर किया गया है.
घटना जिगना गांव के पश्चिम उस स्थान के पास हुई, जहां भारतमाला परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है और एनएच से सड़क का मिलान होता है. बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त वाहन में सवार सभी मजदूर धान रोपनी के लिए जा रहे थे.
धान रोपनी के लिए जा रहे थे मजदूर
मिली जानकारी के अनुसार हाटा गांव के महिला और पुरुष मजदूर पिकअप पर सवार होकर गोई गांव की ओर जा रहे थे. इसी दौरान जिगना गांव के पास सड़क पर फैली मिट्टी और बारिश की वजह से सड़क बेहद फिसलन भरी हो गई थी.
तेज रफ्तार में चल रही पिकअप जैसे ही इस हिस्से में पहुंची, चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी फिसलकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई. हादसा इतना अचानक हुआ कि वाहन में बैठे मजदूर संभल भी नहीं पाए.
वाहन के नीचे दब गए मजदूर, मची अफरा-तफरी
पिकअप पलटते ही उसमें सवार कई मजदूर उसके नीचे दब गए. मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग दौड़कर घटनास्थल की ओर पहुंचे. ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया.
काफी मशक्कत के बाद लोगों ने पिकअप को सीधा किया और उसके नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकाला. इस दौरान कई लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाना जरूरी था.
घायलों को CHC और फिर भभुआ रेफर
सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चांद ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया. जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें तुरंत सदर अस्पताल भभुआ रेफर कर दिया गया.
घायलों में मीना देवी, तेजू धोबी, सीमा देवी, शीला देवी, निर्मला देवी, लक्ष्मीना देवी, रानी देवी, संजू देवी, मुन्नी देवी, कुमारी, उर्मिला देवी, तेतरा देवी, कुसुम देवी, जगदीश राम, जितेंद्र, वकील समेत करीब 20 लोग शामिल हैं.
सड़क पर फैली मिट्टी बनी हादसे की वजह
स्थानीय लोगों ने हादसे के लिए सड़क पर फैली मिट्टी और खराब प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि भारतमाला परियोजना के तहत निर्माण कार्य कर रही पीएनसी कंपनी ने सड़क पर गिरी मिट्टी को हटाने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की है.
लगातार बारिश के कारण यह मिट्टी कीचड़ में बदल गई है, जिससे सड़क बेहद खतरनाक हो गई है. ग्रामीणों का आरोप है कि न तो वहां कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं.
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की तत्काल सफाई कराई जाए और वहां उचित संकेतक लगाए जाएं ताकि आगे इस तरह के हादसे न हों.
