तपती धूप में गैस के लिए झुलस रहे लोग, न छाया, न ही पानी की सुविधा

होम डिलीवरी की सुविधा सिर्फ छलावा, गैस के लिए मचा है हाहाकार

# होम डिलीवरी की सुविधा सिर्फ छलावा, गैस के लिए मचा है हाहाकार भीषण गर्मी में भूखे-प्यासे एजेंसी पहुंच रहे ग्रामीण, प्रशासन के दावे फेल गैस एजेंसी पर उमड़ी भीड़, नारकीय स्थिति में अपनी बारी का इंतजार कर रहे उपभोक्ता मोहनिया सदर. प्रशासन भले ही पर्याप्त मात्रा में गैस सिलिंडर उपलब्ध होने का दावा करता है, लेकिन धरातल पर हकीकत इसके उलट देखा जा रहा है. शुक्रवार को तपती धूप में मां दुर्गे इंडेन गैस एजेंसी पर लोगों की लंबी कतार देखने को मिली. गैस की किल्लत तो लोगों को रुला ही रही है, दूसरी तरफ इस चिलचिलाती धूप ने भी लोगों को खूब परेशान किया. प्रशासन होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कह रही है, लेकिन सही मायने में होम डिलीवरी की सुविधा मोहनिया क्षेत्र में कहीं भी उपलब्ध ही नहीं है, यदि होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध हो जाती तो लोग प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र से बिना कुछ खाये पिये अहले सुबह से ही उक्त एजेंसी पर तपती धूप में नंबर लगाकर अपनी बारी का इंतजार नहीं करते. बड़ा सवाल यह भी है कि प्रशासन को जहां इन दिनों भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों के लिए चेतावनी जारी करनी चाहिए, इस तपती धूप और भीषण गर्मी में लोगों काे दिन दिन भर गैस के लिए लाइन लगने पर विवश किया जा रहा है, ऐसे में यदि कोई गंभीर रूप से बीमार पड़ता है तो इसकी जवाबदेही कौन लेगा. गैस एजेंसी पर छाया की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है और न ही पर्याप्त मात्रा में पीने के पानी की व्यवस्था है, स्थिति यह है कि गैस के लिए इस भीषण गर्मी में लोग नारकीय स्थिति से गुजर रहे हैं, लेकिन शासन प्रशासन को इसका थोड़ा भी आभास तक नहीं है. # ग्रामीण क्षेत्र में होम डिलीवरी के लिए भेजी गयी है दो गाड़ी मां दुर्गे इंडेन गैस के संचालक प्रदीप पटेल का दावा है कि शुक्रवार को ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की होम डिलीवरी देने के लिए दो गाड़ी पर 50-50 गैस सिलिंडर भेजा गया है, एक गाड़ी कटराकला की तरफ, तो दूसरी दुर्गावती क्षेत्र में भेजी गयी है. उनके इस दावे में कितनी सच्चाई है यह जांच का विषय है. नगर क्षेत्र में होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध कराना एजेंसी के वश की बात ही नहीं है. जबकि, ग्रामीण क्षेत्रों में होम डिलीवरी की सुविधा मुहैया कराने के दावे किये जा रहे हैं. एजेंसी पर गैस सिलिंडर का वितरण करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गयी है, ताकि शांतिपूर्ण तरीके से गैस का वितरण किया जा सके. बड़ा सवाल यह भी है कि क्या बिना पुलिस बल के ग्रामीण क्षेत्रों में शांतिपूर्वक होम डिलीवरी कर पाना संभव है? # धूप से बचने के लिए लगेगा टेंट शरीर को झुलसा देने वाली भीषण धूप में लोग कतार में खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं. इसे लेकर गैस एजेंसी संचालक प्रदीप पटेल का कहना है कि अगले दिन से छाया के लिए एजेंसी पर टेंट की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी, ताकि लोगों को धूप से बचाया जा सके. उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था की गयी है, जबकि कतार में खड़े कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि सिर्फ एक 15 लीटर का एक डिब्बा पानी रखा हुआ था, जिसे एजेंसी के लोग ही पीने के काम में ले रहे थे. सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि जिसका डीएसी नंबर पहले आया है, उसको प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है, जबकि जिसका बाद में डीएसी नंबर आया और वह प्रभावी व्यक्ति हैं तो उसे पहले गैस सिलिंडर दे दिया जा रहा है. # बोले एजेंसी संचालक इस संबंध में पूछे जाने पर मां दुर्गे इंडेन गैस के संचालक प्रदीप पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होम डिलीवरी के लिए दो गाड़ी 50-50 गैस सिलिंडर लेकर कटराकला व दुर्गावती की तरफ भेजा गया है, एजेंसी पर लोगों के लिए पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है, कल से छाया के लिए टेंट भी लगा दिया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: VIKASH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >