जिले के लोगों पर चार अरब 87 करोड़ 36 लाख रुपये का राजस्व बकाया

KAIMUR NEWS.बैंकिंग, विद्युत, योजना वाणिज्य कर, विधिक, खनन राजस्व, निबंधन उत्पाद परिवहन सहित अन्य कई विभागों का जिले के लोगों पर अरबों रुपये बकाया है. फिर भी लोग राशि जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिख रहे हैं.

बैंकिंग, विद्युत, योजना, वाणिज्य कर, विविध, खनन राजस्व निबंधन, उत्पादन आदि मामलों में राजस्व है बकाया

17 हजार 487 केस हैं दर्ज, चल रही है सुनवाई

प्रतिनिधि, भभुआ नगर.

बैंकिंग, विद्युत, योजना वाणिज्य कर, विधिक, खनन राजस्व, निबंधन उत्पाद परिवहन सहित अन्य कई विभागों का जिले के लोगों पर अरबों रुपये बकाया है. फिर भी लोग राशि जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिख रहे हैं. हालांकि, सरकार का राजस्व हड़पने वाले लोगों पर सर्टिफिकेट केस के साथ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया जा रहा है. इसके बावजूद लोग राजस्व जमा करने में कोई रूचि नहीं ले रहे हैं. इधर, अगर आंकड़े पर नजर डालें तो जिले के 26 विभागों के लगभग 4 अरब 87 करोड़ 36 लाख राजस्व बकाया है. वहीं राजस्व जमा नहीं करने वाले जिले में 17 हजार 487 लोगों पर केस दर्ज किया गया है. केस दर्ज करने के बाद वादों की सुनवाई चल रही है. वहीं सर्टिफिकेट केस के दौरान उपस्थित नहीं होने पर वारंट जारी करते हुए गिरफ्तारी भी की जा रही है. इसके बावजूद भी राजस्व जमा करने में लोग दिलचस्पी नहीं दिख रहे हैं. जिसके कारण सरकार का राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है.

5000 लोगों पर जारी है गिरफ्तारी वारंट

विभिन्न विभागों के बकाया नहीं देने व बैंक से कर्ज लेने के बाद जमा नहीं करने के आरोप में जिले के विभिन्न विभागों व बैंकों ने लगभग 5000 लोगों पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जो विभिन्न थानों में पेंडिंग पड़ा है. वहीं वारंटियों को गिरफ्तार करने में पुलिस भी ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रही. ऐसे में कर्जदार समय से पैसा नहीं जमा कर रहे है

पिछले माह तक 2 करोड़ 2 लाख 51 हजार की हुई है वसूली

राजस्व जमा नहीं करने वाले लोगों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. जिसके चलते विभाग ने पिछले महीने दो करोड़ दो लाख 51 हजार की राजस्व की वसूली की है. वहीं विगत महीने में 107 मामलों का निष्पादन किया गया.

2640 लोगों पर जारी किया है गिरफ्तारी वारंट

राजस्व गटक कर जमा नहीं करने वाले जिले के 2640 व्यक्तियों पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. हालांकि नीलम शाखा से मिली जानकारी के अनुसार वारंट जारी होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने के कारण मामला लंबित है. जिससे ण राजस्व की वसूली नहीं हो पा रही

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सबसे ज्यादा बैंक व डीआरसीसी के रुपये हैं बाकी

जिले के विभिन्न विभागों में सरकार का चार अरब 87 करोड़ 36 लाख रुपये बकाया है. जिसमें सबसे ज्यादा बैंक का 22 करोड़ 40 लाख 99 हजार रुपये बकाया है. 14, 385 वाद भी लोगों पर दायर है. इसी तरह जिला निबंधन सब परामर्श केंद्र का 754 वार्ड दायर है. इसके बाद अन्य विद्युत पर 367, योजना विभाग का 38, वाणिज्य कर का 48, विविध का 23, खनन का 813 सहित विभिन्न विभागों का राजस्व बकाया है.

नीलम शाखा से विभाग को भेजी गयी मासिक रिपोर्ट से हुआ खुलासा

गौरतलब है कि प्रत्येक महीने विभिन्न विभागों की समीक्षा रिपोर्ट सरकार को भेजी जाती है. 31 मार्च के बाद भेजे गये रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि जिले में चार अरब से अधिक राशि बकाया है. हालांकि विभाग से लगातार इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है. लेकिन, वारंट जारी होने के बाद भी वारंटी को समय से गिरफ्तारी नहीं होने के कारण वादों की संख्या का निष्पादन नहीं हो रहा है.

बकाया राशि की रिकवरी के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है

इधर, इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला नीलम पदाधिकारी उज्जवल कुमार ने बताया कि जिले के विभिन्न विभागों के लोगों पर बकाया राशि की रिकवरी के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है. वादों की सुनवाई की जा रही है. राशि जमा नहीं करने वालों पर वारंट भी जारी किया गया है.

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Author: VIKASH KUMAR

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