Kaimur Sadar Hospital : कैमूर के मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में इन दिनों प्रशासनिक फैसलों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. उपाधीक्षक द्वारा अपने करीब 8 साल पुराने बकाया एरियर की निकासी के बाद कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है. आरोप है कि जहां एक ओर उपाधीक्षक ने अपना एरियर निकाल लिया, वहीं दूसरी ओर अस्पताल के कर्मियों को जून माह का वेतन अब तक नहीं मिल सका है.
गुरुवार को अस्पताल पहुंचे सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक को स्वास्थ्य कर्मियों ने लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत की. कर्मचारियों ने बताया कि 9 जुलाई बीत जाने के बावजूद वेतन भुगतान की प्रक्रिया तक शुरू नहीं हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
Kaimur News: एरियर निकासी पर उठा सवाल, जांच की मांग
कर्मचारियों का कहना है कि उपाधीक्षक डॉ. प्रेम शंकर सिंह ने अपना वर्षों से लंबित एरियर निकाल लिया, जबकि अन्य कर्मियों के वेतन को लेकर कोई पहल नहीं की गई. उन्होंने सिविल सर्जन से पूरे मामले की जांच कर जल्द वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है.
गौरतलब है कि डॉ. प्रेम शंकर सिंह ने करीब 25 दिन पहले ही उपाधीक्षक का पदभार संभाला था. पदभार ग्रहण करने के बाद जीएनएम कर्मियों का नया रोस्टर भी तैयार किया गया था, जिसे विरोध के बाद लागू नहीं किया जा सका. इससे पहले ही अस्पताल में असंतोष का माहौल बन चुका था.
Sadar Hospital : बायोमेट्रिक उपस्थिति से होगा वेतन भुगतान
कर्मचारियों की शिकायत के बाद अब अस्पताल प्रशासन ने वेतन भुगतान को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ने का निर्णय लिया है. इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. अब कर्मचारियों का वेतन उनके बायोमेट्रिक रिकॉर्ड के आधार पर ही तैयार किया जाएगा.
इस फैसले के बाद उन कर्मियों में हलचल देखी जा रही है, जो नियमित रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराते थे.
उपाधीक्षक पद को लेकर फिर चर्चा तेज
इधर, अस्पताल में नए चिकित्सक के रूप में डॉ. अविनाश सिंह के योगदान के बाद उपाधीक्षक पद को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं. बताया जा रहा है कि वरीयता के आधार पर उन्हें इस पद की जिम्मेदारी मिल सकती है.
पहले डॉ. विजय कुमार को हटाकर डॉ. प्रेम शंकर सिंह को उपाधीक्षक बनाया गया था. अब नए घटनाक्रम के बाद अस्पताल में नेतृत्व को लेकर फिर से अटकलों का दौर शुरू हो गया है.
क्या बोले सिविल सर्जन
इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों से वेतन भुगतान को लेकर आवेदन मिला है. उन्होंने कहा कि उपाधीक्षक द्वारा एरियर निकासी की जानकारी मिलने तक प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी. मामले की समीक्षा की जा रही है.
वहीं उपाधीक्षक पद में बदलाव को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल इस पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी.
एरियर निकासी और वेतन भुगतान में देरी के मुद्दे ने मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब कर्मचारियों की नजर जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है.
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